रायपुर, 23 जुलाई।
राजधानी रायपुर के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित सीए कार्यालय में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने महज 30 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7.80 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी उमेश पोर्ते पहले इसी कार्यालय में काम करता था। नौकरी छोड़ने के बाद भी उसे कार्यालय में रखी जाने वाली नकदी की जानकारी थी। इसी जानकारी का लाभ उठाते हुए उसने अपने साथी लक्ष्मीनारायण ध्रुव के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक सीए तारवानी एंड एसोसिएट्स में कैशियर के पद पर कार्यरत अपर्णा नायक ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 21 जुलाई 2026 की सुबह कार्यालय के चालक ने फोन कर चोरी की सूचना दी। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि रात के समय अज्ञात बदमाश कार्यालय में घुस गए और कैश काउंटर का ताला कटर से काटकर उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, कर्मचारियों और आसपास के लोगों से पूछताछ की तथा सीसीटीवी फुटेज की जांच की।
जांच के दौरान पुलिस का संदेह कार्यालय में पहले काम कर चुके उमेश पोर्ते पर गया। उसे बिलासपुर से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि पहले से बनाई गई योजना के तहत उसने अपने साथी लक्ष्मीनारायण ध्रुव के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद दूसरे आरोपी को भी बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी की 7 लाख 80 हजार रुपये की नकदी बरामद कर ली है। दोनों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में अपराध क्रमांक 388/26 के तहत धारा 331(4) और 305 बीएनएस के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी उमेश पोर्ते पूर्व में भी मारपीट के मामलों में बिलासपुर जेल जा चुका है।












