शिमला, 23 जुलाई।
हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ जिला शिमला पुलिस ने वर्ष 2026 में बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से इस वर्ष अब तक विभिन्न राज्यों के 59 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है और 75 अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में यह सबसे बड़ी कार्रवाई रही है। हालिया अभियान के दौरान दो अलग-अलग मामलों की जांच करते हुए पुलिस पंजाब तक पहुंची और वहां से कथित मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया।
पहला मामला 15 जुलाई को पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। स्पेशल सेल ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के एक होटल में दबिश देकर लुधियाना निवासी सागर सिंह (19), आकाश (18) और अंकित कुमार (23) को गिरफ्तार किया था। तीनों के संयुक्त कब्जे से करीब 21 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार पूछताछ, मोबाइल फोन के डिजिटल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और डिजिटल लेन-देन की जांच में सामने आया कि बरामद हेरोइन लुधियाना निवासी साहिल शर्मा से खरीदी गई थी। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी आकाश लगातार साहिल के संपर्क में था। पुलिस के मुताबिक सात जुलाई 2026 को आकाश ने साहिल के बैंक खाते में तीन हजार रुपये ऑनलाइन भेजे थे, जबकि शेष रकम नकद दी जानी थी। मोबाइल डेटा से हेरोइन की खरीद-फरोख्त से जुड़ी बातचीत और एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली, जिसे पुलिस ने महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य माना है।
इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस थाना सदर शिमला की टीम लुधियाना पहुंची और 18 जुलाई को साहिल शर्मा को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। जांच में उसके खिलाफ पहले से दर्ज दो आपराधिक मामलों की भी जानकारी मिली। इनमें वर्ष 2023 का चोरी का मामला तथा वर्ष 2025 में स्नैचिंग और अन्य धाराओं से संबंधित प्रकरण शामिल है।
दूसरा मामला 20 जुलाई को पुलिस थाना चिड़गांव में दर्ज एफआईआर का है। गुप्त सूचना पर गश्त और नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने अमृतसर निवासी मनिन्दर सिंह (23) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 16 ग्राम हेरोइन बरामद होने पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूछताछ में मनिन्दर सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने यह हेरोइन अमृतसर निवासी सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल से खरीदी थी। इसके बाद पुलिस टीम अमृतसर पहुंची। जांच के दौरान मनिन्दर सिंह की निशानदेही पर उस स्थान की पहचान की गई, जहां से उसने 19 जुलाई को हेरोइन खरीदी थी। वहां मौजूद सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल की पहचान कर तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से एक ओप्पो मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार फोन में वही मोबाइल नंबर सक्रिय मिला, जिसका उल्लेख मनिन्दर सिंह ने अपने सप्लायर के रूप में किया था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड से भी इसकी पुष्टि हुई। उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी प्रमाणों के आधार पर सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल को एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया गया।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने गुरुवार को बताया कि वर्ष 2026 में बैकवर्ड लिंकेज के जरिए की गई कार्रवाई पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक रही है। पुलिस के अनुसार इस वर्ष अब तक पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और केरल समेत विभिन्न राज्यों से 59 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है तथा 75 अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में सात मुख्य सप्लायर गिरफ्तार हुए थे और चार नेटवर्क तोड़े गए थे। वर्ष 2024 की समान अवधि में सात मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी के साथ दो नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे।












