बीकानेर, 26 मई ।
सीमा सुरक्षा बल की सांचू पोस्ट पर आयोजित प्रहरी सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा पर तैनात जवानों के पराक्रम और समर्पण को नमन किया। उन्होंने कहा कि अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी सीमा सुरक्षा बल के जवान देश की सीमाओं की रक्षा में निरंतर जुटे रहते हैं और यह राष्ट्र उनके बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।
उन्होंने बताया कि सरकार सीमा सुरक्षा में महिला जवानों की भागीदारी बढ़ाने के साथ उनके लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्ष 2030 तक सभी महिला जवानों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही बड़ी संख्या में बैरकों के निर्माण और विस्तार की योजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा के लिए सेना, सीमा सुरक्षा बल, सीमांत नागरिकों और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त सहयोग से “चतुष्कोणीय सुरक्षा ढांचा” विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर शून्य घुसपैठ सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सीमा सुरक्षा बल के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि जवानों ने हर मोर्चे पर मजबूती से डटे रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिकों के मनोबल को बनाए रखने में भी बल का योगदान उल्लेखनीय रहा।
सांचू चौकी के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने 1965 के युद्ध में जवानों के अदम्य साहस को याद किया और बताया कि इस स्थान को आज “सांचू दिवस” के रूप में भी सम्मान दिया जाता है।
उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, पाइपलाइन और फेंसिंग जैसे बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार के प्रयासों की जानकारी दी और कहा कि इससे सीमाओं की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।
अमित शाह ने कहा कि बदलते समय में सीमा सुरक्षा के सामने ड्रोन और तकनीक आधारित चुनौतियां बढ़ी हैं, जिनसे निपटने के लिए आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। आने वाले महीनों में ड्रोन रोधी प्रणाली भी स्थापित की जाएगी।
उन्होंने ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के तहत सीमावर्ती गांवों के विकास में सीमा सुरक्षा बल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और सभी योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर जोर दिया।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि आंतरिक सुरक्षा के खतरों पर भी सतर्क दृष्टि रखना आवश्यक है और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में सुरक्षा बलों के योगदान की सराहना करते हुए वृक्षारोपण अभियान का भी उल्लेख किया।















