जयपुर, 26 मई ।
राजधानी में फर्जी ई-मित्र रिटेलर आईडी उपलब्ध कराने के नाम पर चल रहे साइबर ठगी के एक बड़े कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में रामनगरिया थाना, सीएसटी और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने जगतपुरा स्थित एबीएस प्लाजा पर छापा मारकर 9 वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर बाल सम्प्रेषण गृह भेजा गया।
पुलिस ने मौके से 8 लैपटॉप, 9 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप चार्जर और वारदात में प्रयुक्त वाहन को भी जब्त किया है।
जानकारी के अनुसार यह गिरोह कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों को ई-मित्र रिटेलर आईडी दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था। इसके लिए आरोपी कथित वेबसाइट, साझा ईमेल आईडी, मोबाइल नंबरों की डेटा शीट, व्हाट्सऐप पेमेंट ग्रुप और क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रणाली का उपयोग करते थे। इच्छुक लोगों से यूपीआई और क्यूआर कोड के जरिए राशि वसूली जाती थी, लेकिन भुगतान के बाद वास्तविक सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाती थी।
पुलिस के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में एक मुख्य संचालक की भूमिका सामने आई है, जिसने कॉल सेंटर, तकनीकी उपकरण, सिम, वेबसाइट और भुगतान प्रणाली उपलब्ध कराई थी। यह मुख्य आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों में अजय सिंह, इन्द्रजीत सिंह, शुभम योगी, दिलखुश उर्फ सागर गुर्जर, सोनिया द्विवेदी, नेहा सिंह, कंचन महावर, रीतू सिंह और शालू रावत शामिल हैं। इनमें चार पुरुषों को न्यायालय में पेश कर 29 मई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि महिलाओं को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों, ईमेल लॉगिन, यूपीआई लेन-देन और सिम केवाईसी का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है ताकि पूरे साइबर नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ई-मित्र, सीएससी या सरकारी सेवा से जुड़े नाम पर आने वाले कॉल, व्हाट्सऐप लिंक और निजी क्यूआर कोड से सतर्क रहें और केवल अधिकृत पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन या भुगतान करें।















