कठुआ, 27 मई।
नीट परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने की घटना के विरोध में कठुआ में यूथ कांग्रेस पूरी तरह से आक्रामक नजर आई। केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए स्थानीय युवा शहीदी चौक पर एकजुट हुए। भारी संख्या में जमा हुए कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और शिक्षा मंत्री से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की मांग दोहराई।
प्रदर्शन से पूर्व यूथ कांग्रेस ने शहर के भीतर एक रोष मार्च निकाला। युवाओं के हाथों में मौजूद तख्तियां सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही थीं। इन पर शिक्षा प्रणाली की सुरक्षा और छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने जैसी बातें लिखी थीं। जिला प्रधान साहिल अंडोत्रा के नेतृत्व में अभिषेक अंडोत्रा, प्रिंस अंडोत्रा, कार्तिक शर्मा सहित बड़ी संख्या में युवा इसमें शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि मोदी सरकार युवाओं के भविष्य को मजाक का विषय बना रही है। बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सरकार की विफलता का जीता-जागता प्रमाण हैं।
युवाओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का लीक होना अब एक सामान्य बात हो गई है, जिससे मेहनती छात्रों का उत्साह लगातार कम हो रहा है। सरकार युवाओं को रोजगार देने में नाकाम रही है, तो उन्हें कम से कम निष्पक्ष परीक्षा का अवसर तो मिलना चाहिए। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए गरीब छात्रों की दुश्वारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों का किराया और रहने-खाने का पैसा बर्बाद हो जाता है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के साथ हो रहे इस अन्याय को नहीं रोका गया, तो सरकार को गंभीर जनांदोलन का सामना करना पड़ेगा।














