नई दिल्ली, 29 मई।
ऑटोमोबाइल एसेसरीज निर्माता कंपनी 'ऑटोफर्निश' के शेयरों की आज शेयर बाजार में शुरुआत मिली-जुली रही। कंपनी के आईपीओ निवेशकों को लिस्टिंग के समय कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर कंपनी का शेयर 41 रुपये के निर्गम मूल्य के मुकाबले पांच प्रतिशत के प्रीमियम के साथ 43 रुपये पर लिस्ट हुआ। हालांकि, लिस्टिंग के तुरंत बाद मुनाफावसूली का दबाव बढ़ने से शेयर लुढ़क कर 40.85 रुपये के लोअर सर्किट पर पहुंच गया।
ऑटोफर्निश का 14.60 करोड़ रुपये का आईपीओ 21 से 25 मई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था, जिसे निवेशकों से सुस्त प्रतिक्रिया मिली थी। आईपीओ को कुल 1.21 गुना ही सब्सक्राइब किया गया था, जिसमें रिटेल और एनआईआई दोनों श्रेणियों में 1.17 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया था। इस आईपीओ के जरिए कंपनी ने नई मशीनरी की खरीद और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए 35.61 लाख नए शेयर जारी किए थे।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो सेबी के पास जमा दस्तावेजों के अनुसार, ऑटोफर्निश ने हाल के वर्षों में शानदार वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2022-23 में 16 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमाने वाली कंपनी का मुनाफा 2024-25 तक बढ़कर 3.50 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी तरह, कंपनी का कुल राजस्व भी 2022-23 के 10.60 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 33.88 करोड़ रुपये हो गया।
वित्त वर्ष 2025-26 के शुरुआती नौ महीनों (अप्रैल से दिसंबर) में कंपनी ने 2.83 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ और 28.32 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। इसके अलावा, कंपनी का नेटवर्थ भी निरंतर सकारात्मक रहा है और दिसंबर 2025 तक बढ़कर 17.57 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कंपनी के ईबीआईटीडीए (EBITDA) में भी पिछले वर्षों में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है, जो 2024-25 में 5.11 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया था।










