नई दिल्ली, 29 मई।
फार्मास्यूटिकल कंपनी 'बायो मेडिका लेबोरेट्रीज' के शेयरों ने आज शेयर बाजार में बेहद कमजोर शुरुआत की है। कंपनी के आईपीओ निवेशकों को उस समय तगड़ा झटका लगा, जब इसके शेयर 139 रुपये के निर्गम मूल्य के मुकाबले 20 प्रतिशत के भारी डिस्काउंट के साथ एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर 111.20 रुपये पर सूचीबद्ध हुए। लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव इतना अधिक रहा कि शेयर जल्द ही गिरकर 105.65 रुपये के लोअर सर्किट पर आ गया। पहले दिन ही निवेशकों को प्रति शेयर लगभग 24 प्रतिशत का भारी नुकसान उठाना पड़ा।
बायो मेडिका लेबोरेट्रीज का 52.43 करोड़ रुपये का आईपीओ 21 से 25 मई के बीच खुला था, जिसे निवेशकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था। कुल मिलाकर यह आईपीओ 2.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जिसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 15.94 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 2.92 गुना भरा था। कंपनी ने इस आईपीओ के जरिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कर्ज के बोझ को कम करने के लिए नए शेयर जारी किए थे।
कंपनी की वित्तीय सेहत की बात करें तो सेबी के पास जमा आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में कंपनी के मुनाफे में तेजी देखी गई है। वित्त वर्ष 2022-23 में 33 लाख रुपये का शुद्ध लाभ कमाने वाली कंपनी का मुनाफा 2024-25 में बढ़कर 9.79 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, इस दौरान कंपनी पर कर्ज का बोझ भी निरंतर बढ़ा है। वित्त वर्ष 2022-23 में 9.61 करोड़ रुपये का कर्ज, 2025-26 के शुरुआती आठ महीनों (नवंबर तक) में बढ़कर 38.17 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
राजस्व के मोर्चे पर कंपनी ने उतार-चढ़ाव का सामना किया है, जो 2024-25 में बढ़कर 38.33 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। चालू वित्त वर्ष में नवंबर 2025 तक कंपनी ने 28.63 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया है। कंपनी का रिजर्व और सरप्लस तथा ईबीआईटीडीए (EBITDA) भी पिछले वर्षों में सकारात्मक रहे हैं, लेकिन भारी कर्ज का बोझ और कमजोर लिस्टिंग ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।











