पूर्वी सिंहभूम, 29 मई।
पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता दुलाल भुईयां ने केंद्रीय गृह मंत्री के एक बयान को लेकर कांग्रेस द्वारा किए गए पुतला दहन पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि “वनवासी” शब्द को गलत अर्थों में प्रस्तुत कर कुछ लोग समाज में भ्रम और वैमनस्य फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।
दुलाल भुईयां ने कहा कि वनवासी और आदिवासी दोनों ही शब्द भारतीय समाज और संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान हैं। इनके प्रयोग को राजनीतिक दृष्टि से देखने के बजाय इनके ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व को समझना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वनवासी शब्द उन समुदायों के लिए उपयोग में आता रहा है जिनका जीवन वन और प्रकृति से गहराई से जुड़ा रहा है, जबकि आदिवासी शब्द मूल निवासियों की पहचान को दर्शाता है। दोनों ही शब्द उस वर्ग के सम्मान और गौरव को व्यक्त करते हैं, न कि किसी की भावना को आहत करने के लिए हैं।
पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि जनजातीय समाज भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है और इस समाज ने प्रकृति संरक्षण तथा परंपराओं को संरक्षित रखने में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आदिवासी समाज के शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और सम्मान के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए शब्दों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करना गलत है और इससे समाज में अनावश्यक तनाव उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को बांटने की राजनीति से बचना चाहिए तथा सभी को मिलकर उनके अधिकार और विकास के लिए कार्य करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि झारखंड की भूमि आदिवासी संस्कृति और वीरता की प्रतीक रही है, जहां लोग सामाजिक समरसता और भाईचारे में विश्वास रखते हैं। ऐसे में किसी भी शब्द को लेकर विवाद पैदा कर समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।










