काठमांडू, 29 मई ।
नेपाल सरकार ने आर्थिक वर्ष 2026-27 के लिए 2.124 ट्रिलियन रुपये का बजट पेश करते हुए आर्थिक सुधार, निवेश बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है। सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए 1.405 ट्रिलियन रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य तय किया है। यह बजट बालेन्द्र सरकार का पहला पूर्ण बजट माना जा रहा है।
संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने कर प्रणाली, कृषि, स्वास्थ्य, पूंजी बाजार और आधारभूत ढांचे में कई बड़े सुधारों की घोषणा की। मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही सूचीबद्ध प्रतिभूतियों पर लगने वाले पूंजीगत लाभ कर को अंतिम कर माना जाएगा, जिससे निवेशकों को अतिरिक्त कर दायित्व से राहत मिलेगी।
सरकार ने गैर-आवासीय नेपाली नागरिकों को द्वितीयक प्रतिभूति बाजार में निवेश की अनुमति देने का फैसला भी किया है। विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए स्वीकृति प्रक्रिया, मुनाफा प्रत्यावर्तन नियम और निवेश लेखा प्रणाली में बदलाव किए जाएंगे। सरकारी कर्मचारियों के वेतन में 21 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की गई है। न्यूनतम वेतन 40 हजार रुपये और अधिकतम वेतन एक लाख रुपये निर्धारित किया गया है।
कृषि क्षेत्र के लिए रासायनिक उर्वरक सब्सिडी मद में 32.46 अरब रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से अधिक है। कृषि तथा पशुपालन विकास मंत्रालय को 46.42 अरब रुपये और कृषि आधुनिकीकरण के लिए 2.07 अरब रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार घरेलू उर्वरक उत्पादन की संभावनाओं पर भी अध्ययन कराएगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए 13.15 अरब रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि जरूरतमंद वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। सरकार ने भूमिहीन और अव्यवस्थित बस्तियों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए नीतिगत हस्तक्षेप की भी घोषणा की है।
पर्यटन क्षेत्र में नेपाल को वैश्विक वेलनेस पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। लक्जरी होटल और रिसॉर्ट्स को बढ़ावा देने के साथ नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के पुनर्गठन की भी तैयारी है, जिससे विमानन सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानकों का बेहतर पालन सुनिश्चित किया जा सके।
सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण के तहत तिलौराकोट, गोकर्णेश्वर और जनकपुरधाम को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास किए जाएंगे। खेल क्षेत्र के लिए 4.3 अरब रुपये का बजट रखा गया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आजीवन स्वास्थ्य सहायता देने की योजना भी शामिल है।




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