नई दिल्ली, 01 जून।
देश के वस्तु एवं सेवा कर संग्रह में मई महीने के दौरान सकारात्मक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार मई में सकल जीएसटी संग्रह 3.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.94 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। एक वर्ष पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 1.88 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।
जीएसटी से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक कर संग्रह में यह बढ़ोतरी घरेलू आर्थिक गतिविधियों में मजबूती और आयात से प्राप्त कर राजस्व में वृद्धि के कारण देखने को मिली है। मई महीने में केंद्रीय जीएसटी के रूप में 37,397 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी के तहत 45,143 करोड़ रुपये तथा एकीकृत जीएसटी के रूप में 51,990 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ।
आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि कर योग्य वस्तुओं की आपूर्ति में उल्लेखनीय तेजी बनी हुई है। मई के दौरान वस्तुओं की आपूर्ति में 26.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो घरेलू मांग में मजबूती का संकेत देती है। इसी प्रकार सेवा क्षेत्र में कर योग्य गतिविधियों में 22.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जिससे देश में उपभोग की स्थिति मजबूत होने का संकेत मिलता है।
आयात आधारित कर संग्रह में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मई के दौरान आयात से प्राप्त एकीकृत जीएसटी संग्रह 19.1 प्रतिशत बढ़कर 59,654 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसे औद्योगिक गतिविधियों और उत्पादन क्षमता में विस्तार का संकेत माना जा रहा है।
इस अवधि में करदाताओं को दिए जाने वाले जीएसटी रिफंड में भी वृद्धि दर्ज की गई। मई महीने में रिफंड का आंकड़ा 2.6 प्रतिशत बढ़कर 27,281 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। रिफंड समायोजन के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह 3.3 प्रतिशत बढ़कर करीब 1.67 लाख करोड़ रुपये रहा।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले अप्रैल महीने में जीएसटी संग्रह ने नया रिकॉर्ड बनाया था। उस दौरान कर राजस्व 8.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.43 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।











