न्यूयॉर्क, 01 जून ।
लेबनान में जारी संघर्ष को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने फ्रांस के अनुरोध पर आपात बैठक बुलाने का निर्णय लिया है, जिसमें क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और जारी लड़ाई पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दक्षिण लेबनान में सेना की बढ़ती तैनाती को अनुचित बताते हुए तत्काल संघर्षविराम की अपील की है। इससे पहले फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बारो ने भी इस मुद्दे को सुरक्षा परिषद में उठाने की बात कही थी और ब्यूफोर्ट किले पर हुए इजरायली नियंत्रण पर चिंता जताई थी।
विदेश मंत्री बारो ने एक मीडिया बातचीत में कहा कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। उन्होंने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार को स्वीकार करते हुए कहा कि लेबनान में चल रहे सैन्य अभियान और क्षेत्रीय विस्तार को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान पहले ही मध्य पूर्व संघर्ष के विस्तार में शामिल हो चुका है, जहां हिज्बुल्लाह की ओर से रॉकेट हमलों के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। संघर्षविराम समझौते के बावजूद दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन के आरोप लगाते रहे हैं।
हाल के दिनों में इजरायल की ओर से सैन्य कार्रवाई तेज करने की बात कही गई है, जिसमें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान में और गहराई तक अभियान चलाने के संकेत दिए हैं। इसके तहत हिज्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इजरायल और लेबनान के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत कर कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा की और कहा कि पहले हिज्बुल्लाह को हमले रोकने होंगे।











