भोपाल, 01 जून ।
भारत के समुद्री खाद्य निर्यात ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे बड़ा स्तर हासिल करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसके तहत लगभग 19.72 लाख मीट्रिक टन समुद्री उत्पादों का निर्यात किया गया और इसका कुल मूल्य 73,890 करोड़ रुपये से अधिक रहा।
समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के अनुसार वैश्विक बाजार में चुनौतियों के बावजूद भारत ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, जिसमें फ्रोजन झींगा सबसे प्रमुख निर्यात उत्पाद के रूप में उभरा और इसकी हिस्सेदारी सबसे अधिक रही।
फ्रोजन झींगे के निर्यात से बड़ी आय अर्जित हुई, जिसमें अमेरिका और चीन प्रमुख आयातक देशों के रूप में सामने आए, जबकि यूरोपीय संघ, दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य क्षेत्र भी महत्वपूर्ण बाजार बने रहे।
अमेरिका को भारतीय समुद्री खाद्य का सबसे बड़ा बाजार बताया गया, जहां बड़ी मात्रा में झींगे का निर्यात किया गया, हालांकि वहां कुछ गिरावट भी दर्ज की गई, जबकि चीन मात्रा के आधार पर सबसे बड़ा आयातक बनकर उभरा।
फ्रोजन मछली और सूखे समुद्री उत्पादों के निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिससे देश को हजारों करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई, वहीं स्क्विड और कटलफिश जैसे उत्पादों के निर्यात में भी तेजी देखी गई।
जीवित समुद्री उत्पादों और ठंडे उत्पादों के निर्यात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे कुल समुद्री खाद्य निर्यात में व्यापक विस्तार हुआ और विभिन्न श्रेणियों में सकारात्मक वृद्धि सामने आई।
निर्यात के प्रमुख केंद्रों में विशाखापट्टनम पहले स्थान पर रहा, जबकि जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट और कोच्चि बंदरगाह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे देश का समुद्री व्यापार नेटवर्क और मजबूत हुआ।










