भोपाल, 05 जून ।
रेलवे निर्माण विभाग से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई तेज हो गई है। सागर में रेलवे के उप मुख्य विद्युत अभियंता को कथित रूप से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए जाने के बाद शुक्रवार को भोपाल स्थित रेलवे निर्माण कार्यालय में जांच की गई।
सुबह से ही जांच टीम कार्यालय में मौजूद रही और विभिन्न फाइलों, रिकॉर्ड तथा विभागीय दस्तावेजों की पड़ताल करती रही। जांच का मुख्य उद्देश्य मामले से जुड़े तथ्यों को एकत्र करना और यह पता लगाना है कि प्रकरण का संबंध किसी व्यापक अनियमितता या अन्य गतिविधियों से तो नहीं है।
जानकारी के अनुसार सागर में की गई कार्रवाई के बाद मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने और वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारियों की जांच के लिए भोपाल कार्यालय में दस्तावेजों का परीक्षण शुरू किया गया। इस दौरान कई अभिलेखों की गहन जांच की गई।
कार्रवाई की सूचना के बाद विभागीय स्तर पर हलचल का माहौल बना रहा। जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं, जिनका परीक्षण किया जाएगा। इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी।
अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और सभी पहलुओं की विस्तार से पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






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