शिमला, 16 अप्रैल।
शिमला जिले में पुलिस और आबकारी विभाग ने अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए अवैध शराब के दो मामलों का पर्दाफाश किया है, जिसके बाद दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पहला मामला 15 अप्रैल को सदर थाना क्षेत्र में सामने आया, जहां अवैध शराब की सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान एक संदिग्ध कार (नंबर CH01AX4217, आल्टो) खड़ी मिली, जिसमें शराब से भरे कार्टन पाए गए। इसी दौरान लोकपाल शर्मा (34 वर्ष), निवासी राजदूत होटल के पास, ओल्ड बस स्टैंड शिमला, मौके पर पहुंचा और वाहन का मालिक एवं चालक होने का दावा किया।
तलाशी लेने पर कार से देसी शराब “ऊना नंबर-1” के 20 कार्टन बरामद हुए, जिनमें प्रत्येक कार्टन में 12 बोतल (750 मिलीलीटर) के हिसाब से कुल 240 बोतलें पाई गईं। पुलिस ने शराब को जब्त कर आरोपी के खिलाफ सदर थाना में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
दूसरा मामला चिड़गांव थाना क्षेत्र का है, जो सहायक आयुक्त आबकारी, रामपुर सर्किल की लिखित रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया गया। रिपोर्ट के अनुसार 15 अप्रैल को मिली गुप्त सूचना पर बडियारा स्थित एक वाइन शॉप पर छापा मारा गया, जहां जांच के दौरान भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई।
कार्रवाई में मौके से 40 बोतल आईएमएफएल, 7 बोतल देसी शराब, 12 बोतल बीयर, 16 पिंट आईएमएफएल, 24 पिंट देसी शराब और 41 निप देसी शराब जब्त किए गए। मौके पर मौजूद निखिल मेहता, निवासी गांव खिलाड़गी, डाकघर चकोटी, तहसील रोहड़ू, जिला शिमला, शराब के वैध दस्तावेज या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका।
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित वाइन शॉप का लाइसेंस 31 मार्च 2025 को समाप्त हो चुका था, इसके बावजूद वहां अवैध रूप से शराब रखी गई थी। इसके बाद चिड़गांव थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस और आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।










