भोपाल, 13 मई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग और ईंधन बचत संबंधी अपील का असर अब मध्य प्रदेश में नजर आने लगा है। भोपाल से लेकर जबलपुर तक कई जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने वैकल्पिक साधनों को अपनाकर ऊर्जा संरक्षण का संदेश देने की पहल की है। मंगलवार को मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह ई-रिक्शा से पदभार ग्रहण करने पहुंचे, वहीं जबलपुर उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश साइकिल से न्यायालय पहुंचे।
भोपाल में सत्येंद्र भूषण सिंह अपने अवधपुरी स्थित निवास से भारतीय जनता पार्टी कार्यालय तक ई-रिक्शा में पहुंचे। हालांकि उनके साथ समर्थकों का काफिला कारों और मोटरसाइकिलों के साथ चलता दिखाई दिया। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन ने भी ई-रिक्शा के जरिए कार्यालय पहुंचकर जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने बताया कि वे सीमित सहयोगियों के साथ पहुंचे थे, जबकि अन्य लोग अलग-अलग वाहनों का उपयोग कर रहे थे। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी मंत्रालय पहुंचने के लिए ई-स्कूटी का इस्तेमाल करते नजर आए।
उधर, जबलपुर में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश डीडी बंसल करीब तीन किलोमीटर तक साइकिल चलाकर न्यायालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाना किसी भी पद के लिए असंभव नहीं है और पर्यावरण संरक्षण के साथ ईंधन की बचत हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इस पहल से प्रेरित होकर उच्च न्यायालय के कुछ कर्मचारियों ने भी साइकिल से कार्यालय आना-जाना शुरू कर दिया है। कर्मचारी बैग और टिफिन के साथ साइकिल से पहुंचते नजर आए।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। उनका मानना है कि आने वाले समय में कार्यकर्ता और आम नागरिक भी ईंधन की खपत कम करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल आयात पर निर्भरता घटाने और वैकल्पिक परिवहन साधनों को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।










.jpg)


.jpg)
