गांधीनगर, 08 मई।
भारत ने विमानन वित्त और लीजिंग क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए “भारत विमान पट्टा एवं वित्तपोषण सम्मेलन 2.0” का सफल आयोजन गुजरात के गिफ्ट सिटी में किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य देश को वैश्विक विमानन वित्तीय केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
इस कार्यक्रम का आयोजन नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण और फिक्की के सहयोग से किया गया। सम्मेलन में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल प्रमुख रूप से शामिल हुए।
सम्मेलन में भारत को तेजी से बढ़ते वैश्विक विमानन बाजार के रूप में रेखांकित किया गया और विमान पट्टा व वित्तपोषण के लिए मजबूत घरेलू ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अनुमान के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत का वाणिज्यिक विमान बेड़ा 1100 से बढ़कर 2250 से अधिक विमानों तक पहुंच सकता है।
इस दौरान सरकार ने बताया कि विमानन क्षेत्र में लगभग 50 अरब डॉलर के निवेश और लीजिंग अवसर मौजूद हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि विमान वस्तुओं में हितों के संरक्षण अधिनियम जैसे सुधारों से कानूनी ढांचा मजबूत हुआ है, जिससे एयरलाइंस और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
सरकार ने विमानन क्षेत्र को समर्थन देने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें ईंधन लागत पर नियंत्रण, लैंडिंग शुल्क में कमी और एयरलाइंस के लिए क्रेडिट सहायता योजनाएं शामिल हैं।
गिफ्ट सिटी को वैश्विक विमानन वित्त केंद्र बनाने की दिशा में कर छूट, डिजिटल सिस्टम और विशेष वित्तीय संरचनाओं जैसे सुधारों को भी सम्मेलन में महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम में एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर और अन्य विमानन कंपनियों ने अपने बेड़े के विस्तार की योजनाओं की घोषणा की, जिससे आने वाले वर्षों में देश के विमानन क्षेत्र में तेज वृद्धि की संभावना जताई गई है।
सम्मेलन के अंत में आईएफएससीए और फिक्की के बीच समझौता हुआ, जिसका उद्देश्य गिफ्ट सिटी को अंतरराष्ट्रीय विमानन वित्त और लीजिंग हब के रूप में विकसित करना है।






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