नई दिल्ली, 08 अप्रैल 2026।
केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में दो प्रमुख जल विद्युत परियोजनाओं में निवेश को मंजूरी दे दी है। इसमें अंजॉ जिले की 1200 मेगावाट क्षमता वाली कलाई-II जलविद्युत परियोजना और कामले, क्रा दाडी एवं कुरुंग कुमे जिलों की 1720 मेगावाट क्षमता वाली कमला जलविद्युत परियोजना शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने इन परियोजनाओं के लिए निवेश को मंजूरी प्रदान की। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित प्रेसवार्ता में इस निर्णय की जानकारी दी।
कलाई-II परियोजना की कुल लागत 14,105.83 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है और इसे 78 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना से प्रतिवर्ष 4,852.95 मिलियन यूनिट ऊर्जा उत्पादन की उम्मीद है। लोहित बेसिन की यह पहली जल विद्युत परियोजना राज्य में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने, चरम मांग प्रबंधन में मदद और राष्ट्रीय ग्रिड के संतुलन में योगदान देगी।
केंद्र सरकार राज्य की इक्विटी हिस्सेदारी के लिए 750 करोड़ रुपये वित्तीय सहायता देगी। इसके अतिरिक्त सहायक अवसंरचना के लिए, सड़कों, पुलों और पारेषण लाइनों के निर्माण हेतु 599.88 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता प्रदान की जाएगी।
कमला जलविद्युत परियोजना की कुल लागत 26,069.50 करोड़ रुपये है और इसे 96 महीनों में पूरा किया जाएगा। यह परियोजना 6,870 मिलियन यूनिट ऊर्जा उत्पादन करेगी, जिससे अरुणाचल प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति मजबूत होगी, चरम मांग का प्रबंधन सुगम होगा, राष्ट्रीय ग्रिड संतुलन में योगदान मिलेगा और ब्रह्मपुत्र घाटी में बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी।
कमला परियोजना का कार्यान्वयन एनएचपीसी लिमिटेड और अरुणाचल प्रदेश सरकार के बीच संयुक्त उद्यम कंपनी के माध्यम से किया जाएगा। भारत सरकार बाढ़ नियंत्रण घटक के लिए 4,743.98 करोड़ रुपये और सहायक बुनियादी ढांचे के लिए 1,340 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता प्रदान करेगी।








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