नई दिल्ली, 06 मई
ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के दौरान एक व्यापक और निष्पक्ष समझौते की इच्छा जताई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि देश अपने वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए वार्ता में पूरी कोशिश करेगा और केवल ऐसा समझौता स्वीकार किया जाएगा जो न्यायसंगत और समग्र हो।
बीजिंग में चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी से मुलाकात के बाद ईरानी विदेश मंत्री ने यह बयान दिया, जिसे ईरानी मीडिया ने प्रसारित किया। उन्होंने कहा कि बातचीत का उद्देश्य ऐसा समझौता होना चाहिए जो सभी पक्षों के लिए संतुलित हो।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अपने ऑपरेशन में अस्थायी विराम देने की बात कही है। हालांकि ईरान की ओर से इस प्रस्ताव पर सीधा जवाब नहीं दिया गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव फरवरी से जारी संघर्ष के बाद बढ़ गया है, जिसमें अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों के बाद क्षेत्रीय हालात और बिगड़ गए थे। इस स्थिति के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है और ऊर्जा संकट की स्थिति बनी हुई है।
अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि ईरान को इस जलमार्ग पर नियंत्रण की अनुमति नहीं दी जा सकती, वहीं ईरान ने जवाब में समुद्री मार्गों पर दबाव बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ है।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के तहत हाल ही में ईरान के कई छोटे जहाजों और ड्रोन को नष्ट किए जाने की भी जानकारी सामने आई है, जबकि क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, हालांकि पिछले कुछ हफ्तों से एक अस्थिर संघर्षविराम लागू है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान शांति चाहता है और उसकी सैन्य क्षमता कमजोर हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के बीच एक अंतिम समझौते की दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं।
हालांकि अब तक कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं और दोनों देशों के बीच आगे की वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।






.jpg)



