ग्वालियर, 06 मई।
पंचांग गणना के अनुसार 11 मई को दोपहर 12:39 बजे मंगल ग्रह अपनी ही राशि मेष में प्रवेश करेंगे और 20 जून तक इसी राशि में स्थित रहेंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से यह स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि मंगल का स्व राशि में होना पराक्रम, निर्णय क्षमता और नेतृत्व शक्ति को मजबूत करता है, हालांकि इस बार इसका प्रभाव केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि वैश्विक परिस्थितियों पर भी देखने को मिल सकता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह अवधि विकास और संघर्ष दोनों का मिश्रित प्रभाव लेकर आएगी। एक ओर भूमि, भवन और निर्माण से जुड़े क्षेत्रों में तेजी देखने को मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आगजनी और तकनीकी दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
इस विषय पर आचार्य भरत दुबे का कहना है कि मंगल ग्रह पद, प्रतिष्ठा, साहस, सेना, भूमि और वाहनों का कारक माना जाता है। जब यह अपनी राशि में आता है तो इन क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम देता है, लेकिन साथ ही आगजनी या विमान संबंधी दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं की संभावना भी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि इस दौरान निर्माण और आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में गति आएगी।
उन्होंने आगे बताया कि ग्रहों का प्रभाव स्थान और व्यक्ति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, इसलिए इस अवधि में सावधानी आवश्यक है। वहीं पं. बृजेशचंद्र दुबे के अनुसार मंगल के मेष में प्रवेश के साथ सूर्य और बुध पहले से वहां मौजूद हैं, जिससे त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है, जो बड़े बदलावों का संकेत देता है। यह स्थिति कहीं शांति वार्ता को आगे बढ़ा सकती है तो कहीं तनाव भी बढ़ा सकती है।
पं. राजेश चौबे ने इस गोचर को ऊर्जा के तीव्र विस्फोट के रूप में बताया है। उनके अनुसार यह समय लोगों को आगे बढ़ने और जोखिम लेने के लिए प्रेरित करेगा, लेकिन जल्दबाजी में लिए गए निर्णय नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और प्रशासनिक वर्ग को संतुलन बनाए रखने की सलाह दी है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल को शासन और प्रशासन से जुड़ा ग्रह माना जाता है, इसलिए इस अवधि में प्रशासनिक फेरबदल और राजनीतिक स्तर पर पद परिवर्तन की संभावना भी प्रबल है। सरकारी तंत्र में बदलाव और नए निर्णयों की शुरुआत देखी जा सकती है, जो आगे चलकर बड़े प्रभाव डालेंगे।
विभिन्न ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस गोचर का 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव रहेगा। मेष राशि में आत्मविश्वास और सफलता में वृद्धि होगी। वृषभ राशि में संपत्ति निवेश के अवसर बढ़ेंगे। मिथुन राशि वालों को नई योजनाओं में भागीदारी का लाभ मिलेगा। कर्क राशि के लिए सतर्कता आवश्यक रहेगी। सिंह राशि को नए अवसर मिलेंगे।
कन्या राशि को गुप्त शत्रुओं से सावधान रहना होगा। तुला राशि के लिए साझेदारी में लाभ के योग बनेंगे। वृश्चिक राशि वालों को सोच-समझकर निर्णय लेना होगा। धनु राशि के लिए भूमि और कृषि से लाभ के संकेत हैं। मकर राशि को पद और सम्मान की प्राप्ति होगी। कुंभ राशि में आकस्मिक लाभ संभव है, जबकि मीन राशि के लिए मानसिक राहत और ऋण मुक्ति के संकेत मिल रहे हैं।












