भोपाल, 28 अप्रैल
प्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने मंगलवार को ‘आईटीआई चले हम’ प्रवेश अभियान 2026 का शुभारंभ करते हुए राज्यभर में कौशल आधारित शिक्षा को जन आंदोलन का रूप देने पर बल दिया। उन्होंने इस अवसर पर आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न जिलों के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की प्रगति, प्रशिक्षण व्यवस्था, प्लेसमेंट स्थिति और विद्यार्थियों की सहभागिता का विस्तृत आकलन किया।
मंत्री टेटवाल ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल प्रवेश प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को कौशल, आत्मनिर्भरता और रोजगार से जोड़ने का व्यापक प्रयास है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रशिक्षण संस्थानों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा प्राचार्यों की बैठकें समय-समय पर आयोजित हों, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किया जा सके।
समीक्षा के दौरान प्लेसमेंट की स्थिति पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप पाठ्यक्रमों को समयानुसार अद्यतन किया जाए और प्रशिक्षण को पूर्ण रूप से व्यावहारिक तथा रोजगार उन्मुख बनाया जाए। मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, ब्यूटी पार्लर और फूड प्रोसेसिंग सहित उभरते क्षेत्रों में रोजगार आधारित कोर्स को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही अवसर उपलब्ध हो सकें।
विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने छात्रावास सुविधाओं के बेहतर संचालन, जरूरतमंद विद्यार्थियों को सहयोग उपलब्ध कराने तथा पढ़ाई छोड़ चुके युवाओं को पुनः प्रशिक्षण से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने बालिकाओं के प्रवेश को बढ़ाने और उनके लिए सुरक्षित व अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। सभी आईटीआई में शत प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल और साक्षात्कार तैयारी को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, जिससे विद्यार्थी रोजगार के लिए पूर्ण रूप से तैयार हो सकें। जिन संस्थानों में उपस्थिति और सहभागिता कम है, वहां सुधार के लिए जवाबदेही तय कर नियमित समीक्षा की जाए।
गुणवत्ता सुधार के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण मॉड्यूल और कौशल विकास कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू करने, नियमित सेमिनार और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने तथा उत्कृष्ट संस्थानों के मॉडल को अन्य जगहों पर अपनाने के निर्देश भी दिए गए।
कार्यक्रम के व्यापक प्रचार के लिए डिजिटल माध्यमों का अधिक उपयोग करते हुए पोस्टर, फिल्म और अन्य डिजिटल सामग्री के जरिए अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच बनाने की बात कही गई। साथ ही कौशल विकास को स्कूल शिक्षा से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री से भेंट का अवसर दिया जाएगा, जिससे उनमें प्रेरणा और प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़े।
बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले वर्ष आईटीआई में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था और इस वर्ष शत प्रतिशत पंजीयन का लक्ष्य रखा गया है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनमें शुल्क भुगतान की सुविधा और अनुदान शामिल हैं। ग्लोबल स्किल पार्क में अन्य राज्यों के विद्यार्थी भी प्रशिक्षण ले रहे हैं और नए तकनीकी प्रशिक्षण जल्द शुरू किए जाएंगे।
मंत्री ने प्रशिक्षणार्थियों की सफलता और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बालिकाओं की उपलब्धियों पर आधारित फिल्मों का अवलोकन भी किया तथा प्रेरणादायक कहानियों को प्रोत्साहन देने की बात कही।












