भोपाल, 28 अप्रैल
मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देते हुए अब शहरी स्व-सहायता समूहों की महिलाएं ‘सोलर दीदी’ के रूप में पहचान बनाएंगी और ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ में सक्रिय भूमिका निभाकर नारी सशक्तिकरण की नई मिसाल प्रस्तुत करेंगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से इन समूहों को स्थायी आजीविका से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में यह पहल की जा रही है।
जनसंपर्क अधिकारी ने जानकारी दी कि इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत भोपाल, इंदौर, जबलपुर और सतना नगर निगमों से की जा रही है। इन शहरों में पंजीकृत कुल सत्रह हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों और पांच सौ से अधिक एरिया लेवल फेडरेशन से जुड़ी वे महिलाएं, जो दसवीं या उससे अधिक शिक्षित हैं, उन्हें ‘सोलर दीदी’ के रूप में कार्य करने का अवसर मिलेगा।
बताया गया कि यह अभिनव योजना भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त कार्यक्रम के तहत लागू की जा रही है। इसके पहले चरण में देश के बारह राज्यों के चालीस चयनित निकाय शामिल किए गए हैं, जहां दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को इस कार्य से जोड़ा जा रहा है।
यह पहल महिला समूहों की बढ़ती भूमिका और उनकी कार्यक्षमता को और अधिक मजबूती प्रदान करती है, जिससे वे ऊर्जा क्षेत्र में भी योगदान दे सकें। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने इस दूरगामी पहल के लिए आभार व्यक्त किया है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना को प्रदेश में एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका के नए अवसर सृजित हों और मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित हो सके।













