नई दिल्ली, 13 अप्रैल।
राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने वेदांता समूह की उन अपीलों पर सुनवाई को फिलहाल आगे बढ़ा दिया है, जिनमें जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के दिवाला समाधान प्रक्रिया में अडाणी एंटरप्राइजेज की बोली को मंजूरी देने वाले फैसले को चुनौती दी गई थी। बेंच के एक सदस्य की अनुपस्थिति के कारण पीठ के पुनर्गठन के चलते यह सुनवाई स्थगित करनी पड़ी।
यह पूरा मामला जेएएल की कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया से जुड़ा है। इलाहाबाद स्थित राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने 17 मार्च को अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की 14,535 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंजूरी दी थी। इस निर्णय को वेदांता लिमिटेड ने चुनौती देते हुए एनसीएलएटी में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की हैं।
वेदांता समूह ने अपनी अपील में चयन प्रक्रिया और बोली के मूल्यांकन पर आपत्ति जताई है। इस बीच कानूनी प्रक्रिया अभी अंतिम निर्णय तक नहीं पहुंची है और मामला न्यायिक समीक्षा के अधीन है। एनसीएलएटी ने संकेत दिया है कि अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय की जाएगी।
उधर, अडाणी एंटरप्राइजेज को पहले ही एनसीएलटी से अधिग्रहण की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन यह स्पष्ट किया गया है कि अंतिम परिणाम वेदांता की अपीलों पर आने वाले फैसले पर निर्भर करेगा। सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस अधिग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर चुका है, जिससे प्रक्रिया आगे बढ़ती रही है।
बाजार और निवेशक अब इस हाई-स्टेक कॉरपोरेट विवाद के अंतिम न्यायिक फैसले पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यह सौदा सीमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट परिसंपत्तियों से जुड़ा है।


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