लखनऊ, 11 अप्रैल 2026।
लखनऊ में शनिवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे, जहां चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल तथा महानगर भाजपा अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित कई पार्टी नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे गोमती नगर स्थित जनकल्याण महासमिति के वार्षिकोत्सव में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत किसी भी चुनौती से निपटने में पूरी तरह सक्षम है और भाजपा सरकार के रहते देश के सामने कोई बड़ा संकट उत्पन्न नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। पश्चिम एशिया संकट के बाद बनी परिस्थितियों पर उन्होंने कहा कि इससे कोई देश अछूता नहीं रहा, लेकिन भारत ने इन चुनौतियों पर विजय प्राप्त की है और आज वह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
रक्षा मंत्री ने लखनऊ के रक्षा क्षेत्र में बढ़ते योगदान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह शहर अब रक्षा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और इसे आगरा व कानपुर के साथ डिफेंस नोड का दर्जा मिलना गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण शुरू हो चुका है और इसकी पहली खेप सेना को सौंप दी गई है। इसके अलावा यहां रक्षा उपकरणों से जुड़े अनेक छोटे-बड़े उद्योग भी स्थापित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ का विकास योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है, जो हर वर्ग के कल्याण से जुड़ा है और सरकार का प्रयास है कि यहां के लोगों का जीवन और अधिक सुविधाजनक बने।
उन्होंने आगे कहा कि आउटर रिंग रोड के आसपास चार से छह लेन की सड़कों और तीन एक्सप्रेसवे के जुड़ने के बाद लखनऊ 400 से 500 किलोमीटर के दायरे के लिए एक बड़ा सप्लाई सेंटर बन जाएगा, जिससे गांव से शहर तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति तेज और सुगम हो सकेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 927 का निर्माण प्रस्तावित है, जो बाराबंकी से शुरू होकर बहराइच तक 101 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग होगा, जिसमें सर्विस रोड भी शामिल रहेगी और इस परियोजना पर लगभग 7000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे बाराबंकी से बहराइच का सफर ढाई घंटे से घटकर लगभग सवा घंटे का रह जाएगा तथा इसके आसपास राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास का नया कॉरिडोर विकसित होगा।












