शिवपुरी, 11 अप्रैल 2026।
कूनो राष्ट्रीय उद्यान में एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ी सफलता दर्ज हुई है, जहां मादा चीता ‘गामिनी’ ने चार शावकों को जन्म दिया है, जिससे देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है।
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों का कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां भारतीय मूल की मादा चीता ‘गामिनी’ द्वारा चार शावकों को जन्म दिए जाने की पुष्टि हुई है। इस उपलब्धि के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या 57 तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को साझा करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश अब चीतों के पुनरुद्धार का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। कूनो के खुले जंगलों में गामिनी द्वारा चार शावकों को जन्म देना इस बात का प्रमाण है कि यहां का वातावरण चीतों के वंश विस्तार के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। उन्होंने वन विभाग और वन्यजीव चिकित्सकों को इस सफलता पर बधाई दी है।
इसी तरह केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वन विभाग की टीम और परियोजना से जुड़े सभी कर्मियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब किसी चीते ने प्राकृतिक जंगल में शावकों को जन्म दिया है, जो इस परियोजना के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मादा चीता गामिनी लंबे समय से खुले जंगल में रह रही थी और पूरी तरह प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप ढल चुकी थी। शावकों का जन्म इस बात का संकेत है कि कूनो का पर्यावरण अब चीतों के प्रजनन के लिए पूरी तरह अनुकूल बन चुका है।
मुख्य वन संरक्षक ने बताया कि यह उपलब्धि परियोजना के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गामिनी स्वयं भी एक शावक रह चुकी है और अब सफलतापूर्वक प्रजनन कर रही है, जो इस संरक्षण परियोजना की दीर्घकालिक सफलता को दर्शाता है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि गामिनी और उसके चारों नवजात शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और लगातार निगरानी में हैं। इस नई उपलब्धि के बाद देश में चीतों की संख्या बढ़कर 57 हो गई है, जिनमें से 54 कूनो राष्ट्रीय उद्यान में और तीन गांधी सागर अभयारण्य में रखे गए हैं।











