दिल्ली, 11 अप्रैल 2026।
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति का मसौदा जारी कर दिया है, जिस पर आम जनता और हितधारकों से सुझाव लेने के लिए 30 दिन का समय निर्धारित किया गया है, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा शनिवार को जारी इस प्रस्तावित नीति को वर्ष 2026 के लिए तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य राजधानी में स्वच्छ, सुलभ और सतत परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना बताया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति वर्ष 2030 तक प्रभावी रहेगी और इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन, कर छूट और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थियों को सब्सिडी सीधे डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। इसमें दिल्ली के निवासी और दिल्ली में पंजीकृत वाहन स्वामी, फर्म, एजेंसियां और कंपनियां शामिल होंगी, जो परिवहन विभाग की प्रणाली के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग वर्षों में क्रमशः प्रोत्साहन राशि तय की गई है, वहीं इलेक्ट्रिक तीन-पहिया और चार-पहिया माल वाहनों के लिए भी तीन चरणों में सब्सिडी का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को स्क्रैप करने पर अतिरिक्त लाभ भी दिया जाएगा, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन शामिल हैं।
नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में पूर्ण छूट देने का प्रावधान किया गया है, जबकि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों को आंशिक छूट दी जाएगी। 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को इस छूट से बाहर रखा गया है।
चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक नोडल एजेंसी के माध्यम से डिजिटल प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम बनाई जा सके। इसके साथ ही उच्च स्तरीय समिति भी गठित की जाएगी जो नीति के क्रियान्वयन पर नजर रखेगी।
नीति के तहत भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर चरणबद्ध बदलाव लागू किए जाएंगे, जिसके अनुसार 2027 से नए तीन-पहिया वाहन और 2028 से दोपहिया वाहनों का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक श्रेणी में ही होगा। साथ ही स्कूल बसों और सरकारी वाहनों को भी चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक में बदला जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी नीति के क्रियान्वयन के लिए हजारों करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिसमें वाहन खरीद, स्क्रैपिंग प्रोत्साहन और चार्जिंग ढांचे के विकास पर व्यय शामिल है। सरकार का दावा है कि यह नीति दिल्ली को स्वच्छ और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे ले जाएगी।
निर्धारित समय सीमा के भीतर इच्छुक लोग ईमेल या डाक के माध्यम से अपने सुझाव भेज सकते हैं, जबकि समय समाप्त होने के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।












