नई दिल्ली, 13 अप्रैल।
मतदान से पहले मतदाताओं की चेहरे की पहचान और बायोमेट्रिक सत्यापन से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने पारित किया।
यह याचिका भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर की गई है। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अदालत ने नोटिस जारी करने से असहमति जताई थी। अदालत ने कहा कि ऐसी व्यवस्था लागू करने के लिए नियमों में बदलाव और अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होगी।
इस पर याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि राज्य सरकारों के सहयोग से यह प्रक्रिया संभव हो सकती है। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि राज्य सरकारें सहयोग न करें और वित्तीय विभाग बजट उपलब्ध न कराए तो अतिरिक्त जटिलताएं उत्पन्न होंगी। ऐसे में तत्काल नोटिस जारी करने की आवश्यकता नहीं है, यह भी कहा गया।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने स्पष्ट किया कि यह मांग केवल कुछ राज्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक स्तर पर लागू करने से जुड़ी है। इस दलील के बाद अदालत ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी करने का आदेश दिया।


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