हरिद्वार, 13 अप्रैल।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में अधिक मजबूत और प्रभावी भूमिका प्रदान करेगा।
हरिद्वार में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए मंत्री रेखा आर्य ने अपने एक दिवसीय जनपद प्रवास के दौरान एक होटल में प्रेस वार्ता भी की। इस दौरान उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन को भी सुना।
मंत्री ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण देने का विषय पिछले कई दशकों से चर्चा में रहा है। वर्ष 2010 में यह विधेयक राज्यसभा से पारित हो गया था, लेकिन लोकसभा में लंबित रह गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 16 से 18 अप्रैल तक प्रस्तावित विशेष संसद सत्र इस अधिनियम के क्रियान्वयन की दिशा में ऐतिहासिक कदम होगा।
रेखा आर्य ने कहा कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे वे नीति निर्धारण में सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगी। इससे शासन व्यवस्था अधिक संवेदनशील और समावेशी बनेगी तथा महिला संबंधित मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि आज महिलाएं केवल भागीदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में भी आगे बढ़ रही हैं और समाज को दिशा देने में सक्षम बन रही हैं। उन्होंने परंपरागत विचार को दोहराते हुए कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां समाज में सकारात्मकता और संतुलन स्थापित होता है। आज महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, राजनीति और खेल सहित सभी क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रीता चमोली, जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा एवं नीतीश वालिया सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।


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