अरुणाचल प्रदेश, 13 अप्रैल।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2017-18 में शुरू की गई ‘खेलो इंडिया’ पहल के बाद देशभर में खेल विकास को अभूतपूर्व गति मिली है और इसका प्रभाव लगातार मजबूत रूप में दिखाई दे रहा है।
रायपुर में 25 मार्च से 3 अप्रैल तक आयोजित पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में भाग लेने वाले राज्य दल के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दस वर्षों में अरुणाचल प्रदेश में खेल सुविधाओं और अवसंरचना का व्यापक विस्तार हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार आया है।
मुख्यमंत्री खांडू ने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों पर बधाई देते हुए कहा कि राज्य ने 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच पांचवां स्थान प्राप्त कर उत्तर-पूर्व का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य बनने का गौरव हासिल किया है।
उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में अरुणाचल प्रदेश के दल ने कुल 11 पदक हासिल किए, जिनमें छह स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि खेलो इंडिया की शुरुआत के बाद से अब तक राज्य 60 से अधिक पदक जीत चुका है, जो खेल क्षेत्र में लगातार बढ़ती प्रगति को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में भी राज्य ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया है और उत्तर-पूर्व के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में स्थान बनाया है।
युवाओं के विकास में खेलों की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल अनुशासन, नेतृत्व और दृढ़ता जैसे गुणों को विकसित करते हैं।
उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सभी जिलों में खेल ढांचे को मजबूत किया जाएगा और ग्रामीण स्तर पर छिपी प्रतिभाओं को आगे लाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अधिकारियों और खेल संगठनों के सदस्यों को संबोधित करते हुए इस उपलब्धि को पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि रायपुर में भारोत्तोलन में राज्य ने पांच स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक जीते, जबकि एथलेटिक्स की 500 मीटर दौड़ में एक स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ।
इसके साथ ही पुरुष और महिला फुटबॉल टीमों ने कांस्य पदक हासिल कर कुल 11 पदकों का आंकड़ा पूरा किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शन राज्य में खेलों की बढ़ती ताकत और युवाओं की बढ़ती भागीदारी का स्पष्ट संकेत है।
उन्होंने टीम प्रबंधन, मुख्य दल प्रमुख और प्रशिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनकी तैयारी और मार्गदर्शन से यह सफलता संभव हुई।
उन्होंने एक बार फिर कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और आत्मबल का निर्माण करते हैं और सरकार इस दिशा में निरंतर सहयोग देती रहेगी।
मुख्यमंत्री खांडू ने यह भी बताया कि राज्य आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहा है, जिसमें 2027 में मेघालय में आयोजित होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेल शामिल हैं, जहां अरुणाचल प्रदेश एक खेल की मेजबानी भी करेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य आने वाले समय में अपनी रैंकिंग और प्रदर्शन को और बेहतर करेगा।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की मिशन ओलंपिक 2028 और 2032 पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रारंभिक स्तर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अंतरराष्ट्रीय मानकों के स्टेडियम और एकीकृत खेल परिसरों पर बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।
उन्होंने खेल विभाग, अरुणाचल खेल प्राधिकरण और ओलंपिक संघ के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया ताकि खेल व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने राज्य में साहसिक खेलों जैसे स्कीइंग, राफ्टिंग, कयाकिंग और अन्य जल आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया, जो राज्य की प्राकृतिक भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाते हैं।
उन्होंने सभी पदक विजेताओं, प्रशिक्षकों और अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को निरंतर समर्थन देती रहेगी।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने अरुणाचल प्रदेश को गौरवान्वित किया है और सरकार आगे भी उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में हर संभव सहायता प्रदान करती रहेगी।
इस ध्वजारोहण समारोह में लोकसभा सांसद तापिर गाओ, खेल सचिव अबू तायेंग तथा खेल एवं युवा मामले विभाग, खेल प्राधिकरण, अरुणाचल ओलंपिक संघ और विभिन्न खेल संगठनों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।




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