नई दिल्ली, 13 अप्रैल।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने एबी पीएम-जेएवाई ऑटो-एडजुडिकेशन हैकाथॉन 2026 के लिए छात्रों, शोधकर्ताओं, डेवलपर्स और स्टार्टअप्स को आमंत्रित किया है, जिसका उद्देश्य आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा दावों की प्रक्रिया को सरल और डिजिटल रूप से उन्नत बनाना है।
इस हैकाथॉन का लक्ष्य ऐसे नवाचार विकसित करना है जो मौजूदा प्रणाली से जुड़कर मैनुअल प्रक्रिया को कम करें, दावों के निपटान की गति बढ़ाएं और एक अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी व्यवस्था तैयार करें। वर्तमान में इस योजना के तहत प्रतिदिन लगभग 50 हजार दावों का निपटान होता है, जिसमें 1900 से अधिक उपचार पैकेज शामिल हैं, जबकि केवल 15 से 20 प्रतिशत दावे ही स्वचालित प्रक्रिया से निपटाए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार दावों की बढ़ती संख्या और जटिलता को देखते हुए स्वचालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित धोखाधड़ी पहचान, मानकीकृत दस्तावेजीकरण और रियल टाइम सत्यापन जैसी उन्नत तकनीकों की आवश्यकता है, जिससे पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जा सके।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को इस पहल पर देशभर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और अब तक 2600 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है, जबकि पंजीकरण की अंतिम तिथि 13 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है।
प्रतिभागियों को मार्गदर्शन देने के लिए प्राधिकरण 13 अप्रैल से तीन चरणों वाली मास्टरक्लास श्रृंखला आयोजित करेगा, जिसमें स्वास्थ्य दावों की प्रक्रिया, चुनौतियों और संभावित समाधान मार्गों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
इस हैकाथॉन का अंतिम चरण 8 और 9 मई को भारतीय विज्ञान संस्थान में दो दिवसीय ऑफलाइन ग्रैंड फिनाले के रूप में होगा, जहां चयनित टीमें विशेषज्ञ जूरी के सामने अपने समाधान प्रस्तुत करेंगी और प्रत्येक समस्या के लिए 5 लाख, 3 लाख और 2 लाख रुपये के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे, साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के साथ सहयोग का अवसर भी मिलेगा।
इस पहल के माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना और डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करते हुए एबी पीएम-जेएवाई के तहत सेवा दक्षता, पारदर्शिता और बेहतर स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना है।







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