वॉशिंगटन, 22 अप्रैल
लेबनान और इजरायल के बीच संघर्षविराम को आगे बढ़ाने और क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा तय करने को लेकर वॉशिंगटन में अहम बैठक होने जा रही है। यह वार्ता पिछले दो सप्ताह में दोनों देशों के प्रतिनिधियों की दूसरी मुलाकात होगी, जिसमें मौजूदा अस्थायी समझौते को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी।
अमेरिकी मध्यस्थता से लागू दस दिन का संघर्षविराम रविवार को समाप्त होने वाला है, जबकि यह समझौता पहले से ही कमजोर स्थिति में माना जा रहा है। इसी दौरान हिज़्बुल्लाह द्वारा उत्तरी इजरायल पर रॉकेट हमले और इजरायल की ओर से भी समझौते के उल्लंघन के आरोपों के बाद तनाव और बढ़ गया है।
संघर्ष की शुरुआत 2 मार्च को हुई थी, जब हिज़्बुल्लाह ने क्षेत्रीय स्थिति के समर्थन में गोलीबारी की थी। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच टकराव लगातार जारी है और हालात और अधिक संवेदनशील होते गए हैं।
लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक 2400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इजरायल ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एक बफर जोन पर नियंत्रण स्थापित किया है।
वॉशिंगटन में होने वाली इस बैठक में संघर्षविराम बढ़ाने और वार्ता को राजदूत स्तर से आगे ले जाने की संभावित तारीख तय करने पर विचार किया जाएगा। लेबनान का स्पष्ट रुख है कि पहले संघर्षविराम को बढ़ाया जाए, तभी आगे की विस्तृत बातचीत संभव होगी, जिसमें सीमा निर्धारण, बंदियों की वापसी और सैनिकों की वापसी जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इजरायल की ओर से लेबनान के साथ सीधे संवाद को ऐतिहासिक कदम बताया गया है, हालांकि साथ ही लेबनान की स्थिति पर तीखी टिप्पणी भी की गई है। वहीं लेबनान के भीतर इस बातचीत को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं, जहां कुछ नेता प्रत्यक्ष वार्ता का विरोध कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र और अमेरिकी प्रयासों के बीच यह बैठक क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, लेकिन दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद अभी भी बरकरार हैं।








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