थाना करधनी पुलिस ने वाहन लोन दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात हजार पांच सौ रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि वह लोन स्वीकृत कराकर राशि आवेदकों को न देकर अपने जानकारों की फर्मों के खातों में ट्रांसफर करवा देता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान कालवाड़ निवासी कैलाश पूनिया के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह गिरोह अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है।
मामला उस समय सामने आया जब ट्रैक्टर खरीदने के लिए लोन लेने गए परिवादी ने थाना करधनी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उसे लोन दिलाने के बहाने बैंक के खाली चेकों पर हस्ताक्षर कराए गए और कई दस्तावेज भी ले लिए गए।
इसके बाद पीड़ित को यह कहकर गुमराह किया गया कि उसका सिबिल स्कोर खराब होने से लोन निरस्त हो गया है। बाद में जब वसूली का नोटिस आया तो पता चला कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर ही लोन उठा लिया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लोन स्वीकृति की राशि को अपनी फर्म के खातों में ट्रांसफर कराकर ठगी करता था। घटना के बाद वह फरार हो गया था और उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस टीम ने लगातार प्रयास कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि वह पहले भी कई वित्तीय संस्थानों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है और उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।




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