भोपाल, 02 नवंबर।
भारत का हृदयस्थल मध्य प्रदेश 1 नवंबर 1956 को भारत के बीचोंबीच अस्तित्व में आया। मध्य प्रदेश महाकौशल, मालवा, बुंदेलखंड, बघेलखंड और ग्वालियर की रियासतों को मिलाकर बना। यह उल्लेखनीय है कि 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग जरूर हुआ, पर आज भी 3.08 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला यह प्रदेश क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है।
मध्य प्रदेश की विशेषता यह है कि यहां प्रांतीयता, भाषावाद और जातीयता का कोई ऐसा विभाजन नहीं है, जो देश की वास्तविक एकता और अखंडता के विपरीत हो। यह देश की एकता और अखंडता का परिचायक है।
मध्य प्रदेश ही ऐसा राज्य है, जहां हर क्षेत्र की प्रतिभाओं ने जन्म लिया और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की।
मध्य प्रदेश के पूर्व सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख दिनेश त्रिपाठी और वायुसेना प्रमुख एस. पी. त्यागी रह चुके हैं। भारत के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद, भाबरा, अलीराजपुर और टंट्या भील को कौन नहीं जानता? वे मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के गौरव हैं।
भारत रत्न लता मंगेशकर, महान गायक और अभिनेता अशोक कुमार तथा गायक किशोर कुमार का जन्म मध्य प्रदेश में हुआ। लता मंगेशकर और अशोक कुमार का जन्म इंदौर में, जबकि किशोर कुमार का जन्म खंडवा में हुआ। जया बच्चन, जावेद अख्तर, सलीम खान और सलमान खान भी मध्य प्रदेश की शान हैं।
देश की राजनीति में डॉ. भीमराव आंबेडकर, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, रविशंकर शुक्ल, द्वारका प्रसाद मिश्र, अर्जुन सिंह, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, माधवराव सिंधिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह जैसे नेता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन भी भारतीय राजनीति का महत्वपूर्ण चेहरा रही हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज केंद्र सरकार में कृषि मंत्री हैं।
न्यायिक क्षेत्र में न्यायमूर्ति एम. हिदायतुल्ला (बैतूल), न्यायमूर्ति जे. एस. वर्मा (सतना), न्यायमूर्ति के. एन. वांचू (मंदसौर) और न्यायमूर्ति आर. सी. लाहोटी (गुना) भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद तक पहुंचे। मध्य प्रदेश के नौकरशाह ओ. पी. रावत भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त बने।
साहित्य के क्षेत्र में कवि माखनलाल चतुर्वेदी, व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई, शरद जोशी और मुक्तिबोध जैसी महान हस्तियां मध्य प्रदेश की शान हैं। वहीं, पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रभाष जोशी और राजेंद्र माथुर का उल्लेखनीय योगदान रहा है।
कर्नल सी. के. नायडू, कैप्टन मुश्ताक अली और नरेंद्र हिरवानी ने क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की। भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ का जन्म इंदौर में हुआ। संजय जगदाले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मानद सचिव रहे, वहीं हिंदी कमेंट्री में पद्मश्री सुशील दोषी ने मध्य प्रदेश को गौरवान्वित किया।
मध्य प्रदेश को यूं ही हिंदुस्तान का दिल नहीं कहते। इसकी विशेषताएं ही ऐसी हैं। वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव द्वारा रचित मध्य प्रदेश गान में भी इसकी विशेषताओं का चित्रण मिलता है, जिन्हें निम्नानुसार समझा जा सकता है।
भारत की सांस्कृतिक राजधानी
यहां हर 50 किलोमीटर पर बोली, पानी और संस्कृति बदल जाती है।
मालवा की धरती गहन-गंभीर है, जहां पग-पग रोटी और डग-डग नीर मिलता है। उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां सिंहस्थ का मेला लगता है।
बुंदेलखंड अपनी वीरता के लिए प्रसिद्ध है। खजुराहो के मंदिर, जो कामशास्त्र ही नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन भी सिखाते हैं, यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं।
बघेलखंड की लोकगाथाएं और निमाड़ के संत सिंगाजी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान हैं। सांची का स्तूप और भीमबेटका के शैलचित्र बताते हैं कि यहां मानव सभ्यता का इतिहास हजारों साल पुराना है।
नदियों का मायका
देश की पांच बड़ी नदियों का उद्गम मध्य प्रदेश से जुड़ा है। अमरकंटक से नर्मदा और सोन निकलती हैं, जबकि चंबल, बेतवा और ताप्ती का उद्गम भी मध्य प्रदेश में है। नर्मदा मध्य प्रदेश की जीवनरेखा है, जिसके बिना मालवा और निमाड़ की कल्पना अधूरी है।
टाइगर स्टेट, जंगल का राजा यहीं बसता है
देश में सबसे अधिक बाघों की आबादी वाले राज्यों में मध्य प्रदेश प्रमुख है। यहां कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा, संजय और वीरांगना दुर्गावती सहित सात टाइगर रिजर्व हैं। रुडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध पुस्तक 'द जंगल बुक' की कहानी को मध्य भारत के जंगलों से प्रेरणा मिली थी। तेंदुआ राज्य और घड़ियाल राज्य के रूप में भी मध्य प्रदेश की पहचान है। देश के सबसे अधिक वन क्षेत्र वाले राज्यों में मध्य प्रदेश शामिल है।
जनजातीय गौरव का प्रदेश
देश की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी वाले राज्यों में मध्य प्रदेश प्रमुख है। भील, गोंड, बैगा और सहरिया जैसी जनजातियां यहां की सांस्कृतिक पहचान हैं। टंट्या मामा, भीमा नायक और रानी दुर्गावती जैसे वीरों की यह धरती है। झाबुआ का भगोरिया, मंडला का करमा नृत्य और बैगा समुदाय की परंपराएं आज भी जीवंत हैं।
अन्न और ऊर्जा का भंडार
गेहूं उत्पादन में मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। यहां का शरबती गेहूं विश्व प्रसिद्ध है। दालों के उत्पादन में भी प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है।
बिजली उत्पादन में मध्य प्रदेश सरप्लस राज्य है और सिंगरौली को ऊर्जा राजधानी के रूप में जाना जाता है। ओंकारेश्वर में एशिया की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं में से एक स्थापित की गई है।
हृदय में सबके लिए जगह
यहां कश्मीर जैसा पर्यटन नहीं, लेकिन जो है, वह अद्वितीय है। भोपाल की झीलें और तहजीब, इंदौर की स्वच्छता, ग्वालियर का किला और तानसेन की नगरी तथा जबलपुर का भेड़ाघाट, जहां संगमरमर की घाटी के बीच नर्मदा बहती है, मध्य प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं।
मध्य प्रदेश सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि एक पूरा भारत है। यहां गंगा-जमुनी तहजीब है, तो आदिवासी अस्मिता भी। आधुनिक महानगर इंदौर है, तो हजारों साल पुराने भीमबेटका के शैलचित्र भी हैं।
1 नवंबर को जब हम मध्य प्रदेश दिवस मनाएं, तो सिर्फ स्थापना दिवस न मनाएं, बल्कि उस भावना का उत्सव मनाएं, जो कहती है कि हम दिल में रहते हैं और दिल में ही बसाते हैं।
अंत में मध्य प्रदेश गान की पंक्तियां याद आती हैं, "सुख का दाता, सबका साथी, शुभ का यह संदेश है, मां की गोद, पिता का आश्रय, मेरा मध्य प्रदेश है।"
-गोपाल कृष्ण छिब्बर














