भोपाल, 30 अप्रैल
मध्यप्रदेश को विमानन क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त और दूरदर्शी प्रयासों पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विमानन सेवाएं केवल स्थानीय ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों के यात्रियों को भी लाभ पहुंचा रही हैं और इससे पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति मिल रही है।
मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विमानन विभाग के कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकसित हो रहे महानगरीय क्षेत्रों एवं औद्योगिक परिसरों में प्राथमिकता के आधार पर हेलीपैड बनाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि हेली सेवाओं के विस्तार के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उज्जैन एयरपोर्ट के विकास कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का विस्तार 2700 मीटर रनवे के साथ कुल 4100 मीटर क्षेत्र में किया जा रहा है। इसके लिए अधिग्रहित भूमि हेतु 590 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की जा चुकी है और सिंहस्थ 2028 को देखते हुए यह एयरपोर्ट श्रद्धालुओं के आवागमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विमानन सेवाओं के विस्तार के साथ प्रशिक्षित पायलट और तकनीकी स्टाफ की आवश्यकता बढ़ेगी, इसलिए युवाओं को रोजगारपरक एविएशन पाठ्यक्रमों से जोड़ना जरूरी है। नई शिक्षा नीति में शामिल इन कोर्सों को उच्च शिक्षा संस्थानों के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएं।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति 2025 के लागू होने के बाद प्रदेश में विमानन क्षेत्र को नई मजबूती मिली है और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के कारण निवेश और सेवाओं का विस्तार हुआ है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनारस और पटना जैसे बड़े शहरों से सीधी उड़ानें शुरू करने पर भी बल दिया गया।
रीवा एयरपोर्ट की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि पिछले छह महीनों में यहां से 24 हजार यात्रियों ने हवाई सेवाओं का उपयोग किया है। रीवा से दिल्ली, रायपुर और इंदौर के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं, जिनमें उच्च ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है।
बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिसमें विमानन विभाग और वित्त विभाग के प्रतिनिधि शामिल थे।







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