रायपुर। 15 अप्रैल।
आईपीएल के दौरान सक्रिय ऑनलाइन सट्टा गिरोह पर रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर, मुंबई और ओडिशा के भवानीपटना में एक साथ दबिश दी, जिसमें कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा सट्टा संचालन से जुड़े तीन प्रमुख पैनल नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह पिछले एक वर्ष से ऑनलाइन बैटिंग एप्स के माध्यम से सट्टा गतिविधियां चला रहा था। पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (अपराध एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला की निगरानी में की गई, जिसमें कई राज्यों में फैले नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ।
13 अप्रैल 2026 को एंटी क्राइम और साइबर यूनिट को सूचना मिली कि गंज थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति कार में बैठकर मोबाइल से आईपीएल सट्टा संचालित कर रहा है। मौके पर पहुंची टीम ने मनदीप सिंह को पकड़ लिया, जिसके मोबाइल की जांच में ऑनलाइन बैटिंग साइट्स के जरिए आईडी बनाकर सट्टा संचालन की पुष्टि हुई। पूछताछ में उसने देशभर में फैले नेटवर्क का खुलासा किया, जिसके आधार पर मुंबई और भवानीपटना में छापेमारी की गई।
जांच के दौरान कमलेश देवांगन की भूमिका सामने आई, जिसे गिरफ्तार कर 20 हजार रुपये नकद जब्त किए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुंबई में हर्ष नागदेव अपने साथियों के साथ बजरंग ग्रुप एप संचालित कर रहा था, जबकि दुर्ग के हरीश नायक और सन्नी देवांगन ओडिशा के भवानीपटना में रेड्डी पैनल चला रहे थे। इसके बाद संयुक्त टीम ने दबिश देकर कई स्थानों से गिरफ्तारी की।
रायपुर से मनदीप सिंह और कमलेश देवांगन को पकड़ा गया, जबकि मुंबई से धरम राज, फत्ते सिंह यादव, कुनाल भोई, शत्रुघन कुमार कोमरे, सुनील कुमार कोमरे, तुलसी दास उर्फ प्रिंस, शुभम शीतलानी, हर्ष नागदेव और सुशील कुमार पासवान गिरफ्तार किए गए। ओडिशा से खुमान साहू, गौरव राय, शुभम उईके, आकाश सागर, किशन कुमार, अभिषेक कुमार भारती और विनय कुमार को पकड़ा गया, वहीं दुर्ग से हरीश नायक और सन्नी देवांगन गिरफ्तार हुए।
कार्रवाई में पुलिस ने 10 लैपटॉप, 87 मोबाइल फोन, 72 एटीएम कार्ड, 23 सिम कार्ड, 3 चेकबुक, 1 पासबुक, 3 एलईडी, 3 वाईफाई राउटर, 1 कार, सट्टा रिकॉर्ड की कॉपी तथा 1 लाख 95 हजार रुपये नकद जब्त किए, जिनकी कुल कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है।
जांच में सामने आया कि आरोपी म्यूल खातों के जरिए धन लेनदेन करते थे और बैंक खातों में करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन पाए गए हैं। पुलिस अब पूरे वित्तीय नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है, जिनकी जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।





.jpg)
.jpg)





.jpg)

.jpg)