मुख्यमंत्री ने शनिवार रात लोक संस्कृति मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भांगड़ा, गरबा और अन्य लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तुतियों ने ऐसा वातावरण निर्मित किया मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने अपनी लोक परंपराओं को मंच पर जीवंत किया।
उन्होंने कहा कि मालवा उत्सव जैसे आयोजन छोटे कलाकारों, हस्तशिल्पियों, दुकानदारों और झूला संचालकों के लिए आर्थिक अवसर भी उपलब्ध कराते हैं। मुख्यमंत्री ने मालवा उत्सव और मैंगो जत्रा दोनों को सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक समन्वय का प्रतीक बताया। उन्होंने आयोजन समिति को 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में लोक नृत्य दलों ने पारंपरिक तरीके से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। गरबा, भांगड़ा और बधाई सहित विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। साथ ही हस्तशिल्प, कलाकृतियों और मालवा सहित अन्य क्षेत्रों के व्यंजनों के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने रहे।
इसी दौरान मुख्यमंत्री इंदौर के ग्रामीण हाट बाजार परिसर में आयोजित तीन दिवसीय मैंगो जत्रा में भी शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और आम उत्पादक किसानों से संवाद कर उनके प्रयासों की सराहना की। इस आयोजन में महाराष्ट्र के रत्नागिरी और देवगढ़ के प्रसिद्ध हापुस आमों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है और ऐसे आयोजन किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिलता है और उपभोक्ताओं को ताजे उत्पाद प्राप्त होते हैं। उन्होंने 24 आम उत्पादक किसानों को 11-11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की।
मैंगो जत्रा में आम से बने विभिन्न खाद्य उत्पाद जैसे आइसक्रीम, शेक, मिठाइयाँ, अचार, पापड़, चटनी, आमरस, जैम और कैंडी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसके साथ ही खादी वस्त्र और हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है।