रायपुर, 05 मई।
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के बीजापुर जिले का विकासखंड उसूर का अति संवेदनशील ग्राम तर्रेम, जो कभी माओवादी प्रभाव के कारण पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान के साथ उभर चुका है।
जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण लोगों का भरोसा लगातार बढ़ा है और यह क्षेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के केंद्र के रूप में स्थापित होता जा रहा है।
राज्य सरकार की पहल के चलते यहां स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान हुई है, जिससे ग्रामीण स्तर पर सुविधाओं का विस्तार संभव हो पाया है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम में प्रतिदिन 25 से 30 मरीजों को बाह्य रोगी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, साथ ही सुरक्षित प्रसव सुविधा और प्रयोगशाला जांच की व्यवस्थाएं नियमित रूप से संचालित हैं।
यहां अस्पताल प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था, स्वच्छता पर विशेष ध्यान, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार तथा आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का सफल क्रियान्वयन भी किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने मंगलवार को बताया कि कलेक्टर संबित मिश्रा के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी आर पुजारी के नेतृत्व में आकांक्षी विकासखंड उसूर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 16 फरवरी 2026 से वर्चुअल मूल्यांकन किया गया, जिसमें 12 सेवाओं के आधार पर कुल 88.19 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। इस मूल्यांकन के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्टाफ से राष्ट्रीय कार्यक्रमों तथा ग्रामीणों को दी जा रही सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली गई, जिसमें सभी कर्मियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इस उपलब्धि में जिला कार्यक्रम प्रबंधक वरुण साहू, नर्सिंग अधिकारी मानसी ताटपल्ली, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश ठाकुर, सेक्टर प्रभारी डॉ शिवा गौरी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक श्रवण नेताम, डाटा प्रबंधक निरंजन भोई सहित समस्त स्वास्थ्य कर्मियों, महिला एवं पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, एएनएम एवं मितानिनों का विशेष योगदान रहा।



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