नई दिल्ली, 01 मई।
मई माह में देशभर में मौसम के मिले-जुले रुख के संकेत सामने आए हैं, जहां एक ओर तेज बारिश की संभावना जताई गई है, वहीं दूसरी ओर कई क्षेत्रों में गर्मी और हीटवेव का असर भी देखने को मिल सकता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष मई में सामान्य से लगभग 110 प्रतिशत अधिक वर्षा होने की संभावना है। विभाग ने बताया कि देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का स्तर सामान्य से ऊपर रह सकता है, जबकि वर्ष 1971 से 2020 तक के आंकड़ों के आधार पर मई में औसतन 61.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जाती रही है।
हालांकि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के साथ-साथ पूर्वी मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान जताया गया है, जिससे इन इलाकों में मौसम का असंतुलन देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान की बात करें तो देश के अधिकांश हिस्सों में यह सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे कुछ राहत मिलने की संभावना है। लेकिन गंगा के मैदानी क्षेत्र, पूर्वी तटीय राज्य, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रभाव अधिक रहने की आशंका है।
इसके साथ ही गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तटीय ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में सामान्य से अधिक दिनों तक हीटवेव चलने की संभावना जताई गई है। हिमालयी राज्यों में भी तीन से चार दिन अतिरिक्त गर्म हवाओं के चलने का अनुमान है, साथ ही मानसून अवधि में अल-नीनो सक्रिय रहने की चेतावनी भी दी गई है।
न्यूनतम तापमान की स्थिति को लेकर भी विभाग ने संकेत दिए हैं कि देश के अधिकांश हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों तथा पूर्वोत्तर भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में यह सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है।










