नई दिल्ली, 15 मई।
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार तय समय से पहले दस्तक दे सकता है। भारतीय मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि मानसून 26 मई को केरल तट पर पहुंच सकता है, जो सामान्य समय से करीब पांच दिन पहले होगा। इससे किसानों में खरीफ फसलों की जल्दी बुवाई को लेकर उम्मीद बढ़ गई है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून के केरल पहुंचने की संभावित तिथि 26 मई तय की गई है, जिसमें चार दिन आगे-पीछे का अंतर संभव है। सामान्य परिस्थितियों में मानसून की शुरुआत केरल से होती है और सितंबर के मध्य तक देशभर से इसकी वापसी पूरी हो जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले मानसून आने से धान, मक्का, सोयाबीन और गन्ने जैसी प्रमुख फसलों की बुवाई जल्द शुरू हो सकती है, जिससे कृषि गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
देश की अर्थव्यवस्था में मानसून की अहम भूमिका मानी जाती है, क्योंकि कृषि क्षेत्र के लिए आवश्यक वर्षा का बड़ा हिस्सा इसी के माध्यम से प्राप्त होता है। इसके साथ ही जलाशयों, भूजल स्रोतों और सिंचाई व्यवस्था को भी मानसून से मजबूती मिलती है।
मौसम विभाग के मानकों के अनुसार चार महीने के मानसूनी सीजन में 50 वर्षों के औसत 87 सेंटीमीटर वर्षा के मुकाबले 96 से 104 प्रतिशत के बीच बारिश को सामान्य श्रेणी में रखा जाता है।






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