जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार यह सड़क 15 मई, 2026 से खोल दी गई है, हालांकि इसका संचालन मौसम संबंधी हालातों पर निर्भर रहेगा। गांदरबल, द्रास और कारगिल के जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिदिन मौसम सलाह का मूल्यांकन करने के बाद ही वाहनों की आवाजाही और समय-सारणी तय करें।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ग्रामीण कश्मीर यातायात पुलिस को सोनमर्ग में एक जांच चौकी स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि मार्ग के ऊपरी हिस्सों में फंसे वाहनों की सहायता के लिए रिकवरी वैन तैनात रहेंगी।
प्रशासन ने एसएसजी मार्ग पर चलने वाले वाहनों के लिए एंटी-स्किड चेन का उपयोग अनिवार्य किया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सोनमर्ग में उचित वजन परीक्षण के बाद केवल निर्धारित भार सीमा के भीतर आने वाले वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी।
आदेश में यह भी कहा गया है कि गांदरबल, द्रास और कारगिल में यातायात, नागरिक प्रशासन, पुलिस और यांत्रिक अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त नियंत्रण कक्ष व्यवस्था स्थापित की जाएगी, जिससे समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।
मौसम विज्ञान विभाग को एसएएसई के साथ समन्वय कर हिमस्खलन की पूर्व चेतावनी सभी संबंधित एजेंसियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी सलाह दी गई है कि इस मार्ग पर केवल चार पहिया ड्राइव और तकनीकी रूप से सक्षम वाहन ही चलें तथा चालक अनुभवी एवं पहाड़ी मार्गों से परिचित हों।