भोपाल, 15 मई।
मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गांव-गांव और नगर-नगर में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं तथा यह अभियान 30 जून तक जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि यह अभियान पिछले तीन वर्षों से संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य वर्षा काल से पहले जल स्रोतों की सफाई, जीर्णोद्धार और मरम्मत सुनिश्चित करना है, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संग्रहण किया जा सके और जल संरचनाओं को मजबूत बनाया जा सके।
मंत्री सिलावट ने कहा कि इस अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया गया है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जबकि इस वर्ष अभियान की शुरुआत 19 मार्च को इंदौर से की गई थी और तब से यह लगातार जारी है।
उन्होंने जानकारी दी कि अभियान के अंतर्गत जल संसाधन विभाग द्वारा नहरों की सफाई, अतिक्रमण हटाने, वृक्षारोपण, फेंसिंग, तालाबों की मरम्मत, स्टॉपडैम, बैराज और जलाशयों की संरचनाओं की मरम्मत सहित विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 1040 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।
इसके अलावा विभाग के सभी नौ कछारों में लघु सिंचाई परियोजनाओं के 102 कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं, जिससे जल संरचनाओं की क्षमता और उपयोगिता में सुधार हुआ है।
मंत्री ने बताया कि भोपाल में केरवा नदी के उद्गम स्थल की सफाई, उज्जैन में तालाबों की सफाई, शाजापुर, रतलाम, मुरैना, दतिया, नर्मदापुरम, सिवनी, सीहोर सहित विभिन्न जिलों में जल संरचनाओं की सफाई, मरम्मत और अतिक्रमण हटाने के कार्य किए गए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, झाबुआ, सतना, निवाड़ी, भिंड, राजगढ़, अशोक नगर, गुना, विदिशा, रायसेन, हरदा, बैतूल, टीकमगढ़, देवास, मंदसौर और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में भी तालाबों, नहरों और बांधों की सफाई, मरम्मत और वृक्षारोपण के कार्य सफलतापूर्वक किए गए हैं।
मंत्री सिलावट ने कहा कि यह अभियान प्रदेश में जल संरक्षण की दिशा में एक व्यापक और प्रभावी प्रयास है, जिससे जल स्रोतों को संरक्षित कर भविष्य की जल आवश्यकताओं को सुरक्षित किया जा रहा है।






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