भोपाल, 30 अप्रैल।
किसानों की शिकायतें मिलीं तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंतजार नहीं किया, सीधे मैदान में उतर पड़े। गुरुवार सुबह महेश्वर दौरे पर उनका अंदाज बिल्कुल ‘नायक’ जैसा नजर आया, जब उन्होंने तय कार्यक्रम बदला और बिना किसी पूर्व सूचना के गेहूं खरीदी केंद्र का रुख कर लिया। हेलीपैड की ओर बढ़ रहा काफिला अचानक बड़वाह मार्ग की तरफ मुड़ा और कुछ ही देर में कतरगांव उपार्जन केंद्र पर मुख्यमंत्री खुद मौजूद थे। उन्हें अपने बीच देखकर किसान और कर्मचारी हैरान रह गए, जैसे किसी फिल्म का सीन हकीकत में बदल गया हो। इसके बाद मुख्यमंत्री शाजापुर जिले के मकोड़ी स्थित श्यामा वेयरहाउस पहुंचे और ट्रॉली पर चढ़ गए। तथा वहीं खड़े होकर किसानों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने गेहूं की तौल भी मौके पर ही करवाई। दरअसल, एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री डा. यादव ने संकेत दे दिए थे कि वे व्यवस्थाओं को परखने के लिए किसी भी केंद्र पर पहुंच सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के किसानों के बीच पहुंचकर बातचीत शुरू की। उन्होंने सीधे सवाल किए कि, भुगतान समय पर मिल रहा है या नहीं? तौल में कोई गड़बड़ी तो नहीं हो रही? किसानों ने भी खुलकर अपनी बात रखी, जिसे मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुना।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कलेक्टर भव्या मित्तल और अन्य अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को धूप में खड़े रहने की नौबत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने ठंडे पानी, छाया और बैठने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान महेश्वर विधायक राजकुमार मेव भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के इस औचक निरीक्षण का साफ संदेश था कि सरकार अब दफ्तरों तक सीमित नहीं, बल्कि खेत और मंडी तक पहुंचकर हालात खुद देखेगी।






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