भोपाल, 11 अप्रैल 2026।
मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में बढ़ती विद्युत मांग को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने छतरपुर स्थित 220 किलोवोल्ट उपकेंद्र में 200 मेगावोल्ट एम्पीयर क्षमता का नवीन पावर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत कर दिया है।
उन्होंने कहा कि इस पावर ट्रांसफार्मर के चालू होने से छतरपुर के साथ-साथ टीकमगढ़, निवाड़ी और पन्ना जिलों में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे क्षेत्रीय ट्रांसमिशन नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा तथा भविष्य की बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने में सहायता मिलेगी।
ऊर्जा मंत्री ने यह भी बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिसके कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह पावर ट्रांसफार्मर क्षेत्र की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि इस शक्तिशाली ट्रांसफार्मर की स्थापना लगभग उन्नीस करोड़ रुपये की लागत से की गई है, जो क्षेत्रीय विकास को गति देने के साथ-साथ विद्युत अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
अधीक्षण अभियंता के अनुसार इस पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के बाद छतरपुर स्थित 220 किलोवोल्ट उपकेंद्र की क्षमता बढ़कर 643 मेगावोल्ट एम्पीयर हो गई है। वहीं पूरे छतरपुर जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 1096 मेगावोल्ट एम्पीयर तक पहुंच गई है।
छतरपुर जिले में वर्तमान में छह उपकेंद्रों के माध्यम से विद्युत पारेषण किया जा रहा है, जिनमें 220 किलोवोल्ट उपकेंद्र छतरपुर के अलावा 132 किलोवोल्ट के नौगांव, बिजावर, खजुराहो, लवकुशनगर और बड़ा मलहरा उपकेंद्र शामिल हैं।











