जबलपुर, 28 अप्रैल
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सीबीआई, इंडियन नर्सिंग काउंसिल और मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल से विस्तृत हलफनामा और जांच की प्रगति रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश और एक अन्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई को यह स्पष्ट करने को कहा है कि अब तक की जांच में किन व्यक्तियों या संस्थानों की संलिप्तता सामने आई है। साथ ही, दोषियों के खिलाफ अब तक की गई दंडात्मक कार्रवाई का पूरा विवरण भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इंडियन नर्सिंग काउंसिल और मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल से उन अधिकारियों पर की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया है, जो मानकों के विपरीत कॉलेजों को मान्यता देने के लिए जिम्मेदार रहे हैं। अदालत ने कहा है कि विस्तृत हलफनामे में उन सभी प्रशासनिक और कानूनी कदमों का उल्लेख किया जाए, जो ऐसे संस्थानों को अवैध रूप से संचालित होने देने वाले अधिकारियों के खिलाफ उठाए गए हैं।
गौरतलब है कि लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका में वर्ष 2020-21 में खुले सैकड़ों फर्जी नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद हुई सीबीआई जांच में करीब आठ सौ में से लगभग छह सौ कॉलेजों को अपात्र या गंभीर कमियों वाला पाया गया था। इन संस्थानों में भवन, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, योग्य शिक्षक और सौ बिस्तरों वाले अस्पताल जैसी अनिवार्य सुविधाओं की भारी कमी सामने आई थी।
जांच में यह भी पाया गया कि कई कॉलेज केवल कागजों पर संचालित थे और कुछ शिक्षक तथा प्राचार्य एक साथ कई कॉलेजों में कार्यरत दिखाए गए थे। याचिकाकर्ता संगठन ने आरोप लगाया है कि अपात्र पाए गए कॉलेजों के छात्रों के भविष्य के साथ समझौता किया जा रहा है, क्योंकि नर्सिंग काउंसिल उन्हें अन्य कॉलेजों में स्थानांतरित करने के बजाय परीक्षा आयोजित करवा रही है।
वहीं नर्सिंग काउंसिल ने परीक्षा और परिणाम घोषित करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अदालत ने दोनों ही आवेदनों पर फिलहाल निर्णय सुरक्षित रखते हुए कहा है कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की अगली सुनवाई बारह मई को निर्धारित की गई है।












