वॉशिंगटन, 06 मई।
अमेरिका ने पाकिस्तान में बड़ा कूटनीतिक निर्णय लेते हुए सुरक्षा कारणों का हवाला देकर पेशावर स्थित अपना वाणिज्य दूतावास बंद करने की घोषणा कर दी है। यह फैसला चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और इसके बाद इस दूतावास से जुड़ी सभी गतिविधियों को धीरे-धीरे समाप्त किया जाएगा। इस कदम के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल बढ़ गई है।
अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपने राजनयिकों और कर्मचारियों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है। इसी कारण यह निर्णय लिया गया है कि पेशावर में मौजूद कूटनीतिक गतिविधियों को अब स्थायी रूप से बंद किया जाएगा।
विदेश विभाग के प्रवक्ता द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि पेशावर वाणिज्य दूतावास के सभी कार्य अब समाप्त किए जा रहे हैं और वहां की जिम्मेदारियां इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास को स्थानांतरित कर दी जाएंगी। इससे पहले खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र से जुड़े सभी कूटनीतिक संपर्क और प्रशासनिक कार्य इसी दूतावास के माध्यम से संचालित होते थे।
अमेरिका के इस निर्णय को सुरक्षा जोखिम से जोड़कर देखा जा रहा है। बयान में कहा गया कि क्षेत्र में लगातार बनी हुई सुरक्षा चुनौतियों और अस्थिर हालात के कारण कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ था, जिसे देखते हुए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय किसी एक घटना के आधार पर नहीं लिया गया, बल्कि लंबे समय से जारी सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद लिया गया है। पेशावर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है, जिसके चलते अमेरिका ने अपने कर्मचारियों को वहां तैनात रखने को जोखिम भरा माना।
अब अमेरिका ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह ऐसे किसी भी स्थान पर अपनी उपस्थिति बनाए नहीं रखेगा, जहां उसके राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। इस फैसले के बाद पाकिस्तान में कूटनीतिक गतिविधियों के स्वरूप में बदलाव तय माना जा रहा है।









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