नई दिल्ली, 08 मई
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय सेना के साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हुए कहा है कि देश की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा में जवानों का योगदान हर नागरिक को गर्व से भर देता है। उन्होंने आज सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट साझा कर सेना के जज्बे और समर्पण की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि देश के मान-सम्मान की रक्षा के लिए भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम प्रत्येक देशवासी को गौरवान्वित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि मां भारती के लिए अपने प्राणों की आहुति देने का जज्बा हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जिसमें कर्तव्य और धर्म की रक्षा के लिए योद्धा के कर्तव्य को सर्वोच्च बताया गया है। इस सुभाषित का भाव यह है कि अपने कर्तव्य का ज्ञान होने पर मन में किसी प्रकार की दुविधा या भय नहीं होना चाहिए, क्योंकि धर्म और मर्यादा की रक्षा के लिए किया गया संघर्ष ही योद्धा के लिए सबसे श्रेष्ठ और कल्याणकारी मार्ग है।
प्रधानमंत्री के इस संदेश को देश की सेना के प्रति सम्मान और उनके बलिदान के प्रति कृतज्ञता के रूप में देखा जा रहा है।






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