याउंदे, 22 अप्रैल
पोप लियो ने अपनी चार देशों की अफ्रीका यात्रा के अंतिम पूर्ण दिन में बुधवार को आर्थिक असमानता पर तीखा संदेश देते हुए अमीर और गरीब के बीच बढ़ती खाई को कम करने की अपील की। यह बयान उन्होंने तेल समृद्ध इक्वेटोरियल गिनी की यात्रा के दौरान दिया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आस्था रखने वालों का दायित्व है कि वे निजी हितों के बजाय सामूहिक कल्याण की दिशा में कार्य करें और समाज में विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग तथा वंचित वर्ग के बीच की दूरी को कम करें।
इस यात्रा के दौरान पोप ने उन कैदियों की स्थिति पर भी चिंता जताई, जिन्हें अक्सर खराब स्वच्छता और अमानवीय परिस्थितियों में रखा जाता है।
करीब एक लाख लोगों की भीड़ ने बेसिलिका ऑफ द इमैक्युलेट कॉन्सेप्शन में पोप का स्वागत किया, जहां भीड़ उत्साह में नाचती और जयकार करती दिखी। उनके आगमन पर पारंपरिक रंगीन धुएं का प्रदर्शन भी किया गया।
पोप ने दिन की शुरुआत लगभग 325 किलोमीटर की उड़ान से की और फिर मोंगमो पहुंचकर सबसे बड़े धार्मिक स्थल पर प्रार्थना सभा को संबोधित किया।
इक्वेटोरियल गिनी लंबे समय से मानवाधिकार उल्लंघन और राजनीतिक दमन के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा है, जहां सत्ता पर राष्ट्रपति का लंबे समय से नियंत्रण है।
पोप ने यहां जेलों में बंद कैदियों से मिलने की योजना भी बनाई है, जहां मानवाधिकार संगठनों के अनुसार बिना कानूनी सहायता के लंबे समय तक हिरासत में रखा जाता है।
उन्होंने बाद में बाटा शहर के उस स्थान पर भी प्रार्थना करने का कार्यक्रम रखा है, जहां 2021 में सैन्य विस्फोटों में 100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
यह यात्रा पोप की अब तक की सबसे लंबी और जटिल विदेश यात्राओं में से एक मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने कई देशों और शहरों का दौरा किया।








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