नई दिल्ली, 28 अप्रैल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए जीवन में प्रगति के आधारभूत तत्वों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आत्म-संयम, दक्षता, धैर्य और सोच-समझकर किए गए प्रयास को सफलता का मूल आधार बताया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि संयम और समर्पण के साथ किए गए परिश्रम से असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। ऐसे प्रयास न केवल व्यक्ति के जीवन में उन्नति लाते हैं, बल्कि राष्ट्र की समृद्धि और शक्ति को भी नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
उन्होंने संस्कृत का एक सुभाषित साझा किया, जिसमें क्रोध पर नियंत्रण, कौशल, सतर्कता, धैर्य, स्मरण शक्ति और किसी भी कार्य को सोच-समझकर आरंभ करने को जीवन की सफलता का आधार बताया गया है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, इन सभी गुणों का समन्वय ही प्रगति की दिशा तय करता है और सही सोच के साथ किया गया प्रयास जीवन में स्थायी सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।












