देहरादून, 15 मई।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने दोनों धामों में वृद्ध एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए प्राथमिक दर्शन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे उन्हें सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक दर्शन की सुविधा मिल सके। इस संबंध में नई मानक प्रचालन विधि जारी कर दी गई है।
निर्धारित व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक दिन चार अलग-अलग समय स्लॉट तय किए गए हैं, जिनमें केवल वरिष्ठ और दिव्यांग श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा दी जाएगी। प्रत्येक स्लॉट में पचास-पचास श्रद्धालुओं को पंद्रह मिनट का समय दिया जाएगा, जिससे भीड़ नियंत्रण के साथ दर्शन प्रक्रिया सुचारु रह सके।
सुबह आठ बजे से आठ बजकर पंद्रह मिनट तक पहला स्लॉट, दस बजे से दस बजकर पंद्रह मिनट तक दूसरा स्लॉट, दोपहर तीन बजे से तीन बजकर पंद्रह मिनट तक तीसरा स्लॉट तथा शाम चार बजकर पैंतालीस मिनट से पांच बजे तक अंतिम स्लॉट निर्धारित किया गया है।
इस व्यवस्था का लाभ उन श्रद्धालुओं को मिलेगा जिनकी आयु सत्तर वर्ष से अधिक है, जिन्हें आधार पहचान और पंजीकरण के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। दिव्यांग श्रद्धालुओं को उनकी वास्तविक स्थिति के आकलन के बाद प्राथमिक दर्शन की अनुमति प्रदान की जाएगी।
मंदिर समिति के निर्देशों के तहत कार्मिकों की तैनाती भी की गई है, जो श्रद्धालुओं की सहायता करते हुए दर्शन प्रक्रिया को सहज बनाएंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य धामों में आने वाले बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक अनुभव प्रदान करना है।






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