भोपाल, 07 अप्रैल।
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में हाल ही में सामने आए “छिपकली कांड” के बाद विश्वविद्यालय परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। कैंटीन में कथित तौर पर छिपकली मिलने के आरोप के बाद प्रशासन ने कैंटीन बंद कर दी है और छात्रों को बाहर से टिफिन लाने की अनुमति भी नहीं दी जा रही, जिससे छात्रों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
घटना के अनुसार, छात्रों ने दावा किया कि कैंटीन में सब्जी में छिपकली मिली, जबकि कैंटीन स्टाफ ने इसे “शिमला मिर्च” बताया और इसे खाकर दिखाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे विवाद और बढ़ गया। मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय ने विशेष समिति गठित की।
जाँच समिति के गठन और कैंटीन बंद होने के बाद छात्रों को भोजन की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं मिल पाने से छात्र यूनिवर्सिटी गेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है और या तो कैंटीन फिर से खोली जाए या उन्हें बाहर से टिफिन लाने की अनुमति दी जाए।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि जांच पूरी होने तक एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और जांच के परिणामों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस विवाद ने केवल एक घटना तक सीमित नहीं रहकर कैंपस में खाद्य गुणवत्ता, स्वच्छता और प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का यह आंदोलन संकेत दे रहा है कि समस्या के समाधान में देरी से असंतोष और बढ़ सकता है।













