देहरादून, 16 अप्रैल।
उत्तराखंड एसटीएफ ने साइबर अपराधों पर कार्रवाई करते हुए “ऑपरेशन प्रहार” के तहत म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 15 म्यूल खातों पर कानूनी कार्रवाई की गई है, जबकि 80 से अधिक खातों का विस्तृत सत्यापन किया गया। जांच में करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़े एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का खुलासा हुआ है।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी बेरोजगार और सामान्य लोगों को कमीशन, नौकरी या अन्य प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते अपने कब्जे में लेते थे और उन्हीं खातों के माध्यम से ठगी की रकम का लेनदेन किया जाता था। एक प्रकरण में लगभग 1.53 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ी 28 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। इस मामले में दानिश अंसारी (29), निवासी देवबंद, वर्तमान निवासी कंडोली देहरादून और अंकित एन्थोनी (32), निवासी राजीव नगर, कंडोली देहरादून को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।
एसटीएफ के अनुसार साइबर ठग सोशल मीडिया और कॉल के माध्यम से “घर बैठे कमाई” या कमीशन का झांसा देकर लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिन्हें म्यूल खातों के रूप में प्रयोग किया जाता है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि ऐसे मामलों की जांच के लिए 12 विशेष टीमें गठित की गई हैं और राज्य में करीब 2200 संदिग्ध म्यूल खातों की जांच चल रही है।
अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि किसी भी तरह के लालच, फर्जी वेबसाइट या संदिग्ध कॉल के झांसे में न आएं और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।









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